उत्सव के बीच अचानक कैसे आई 'मौत' महिला ने खोला कोलकाता पंडाल में 'भगदड़' का राज!

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  • प्रकाशित: अक्टूबर 18, 2026

कोलकाता के चोरबागान पंडाल हादसे में पूजा कमेटियों के राजनीतिकरण पर सवाल उठ रहे हैं. बताया जा रहा है कि अधिकतर पूजा कमेटियां पश्चिम बंगाल की राजनीति से प्रेरित होती हैं. राजनीति के लोग ही उसके सिरमौर होते हैं, सबको पता होता है कि ये किस नेता की पूजा है. चुनाव जीतने वाले का नाम कमेटी में आ जाता है, क्योंकि वही इलाके को कमांड करता है. स्थानीय विधायक और नेता हर कमेटी में होते हैं, पहले जिनकी सरकार थी उनके नाम थे, अब सरकार के साथ नाम बदल जाते हैं. लेकिन दूसरा सवाल ये भी है कि क्या कमेटी में चोरबागान के रहने वाले लोग हैं, जो हर गली को जानते हैं? कमेटी स्थानीय है, पुलिस स्थानीय है, लेकिन ये कह देना कि सिर्फ कमेटी बदलने से हादसा हो गया सही नहीं हो सकता. भीड़ की जिम्मेदारी जितनी प्रशासन की उतनी ही कमेटी की भी है.

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