सुप्रीम कोर्ट में आवारा कुत्तों के मामले की सुनवाई आज गुरुवार को जारी रही. जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की बेंच सभी पक्षों.. डॉग लवर्स, काटने के शिकार लोगों और एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट्स की दलीलें सुन रही है. वरिष्ठ वकील सीयू सिंह ने तर्क दिया कि कुत्तों को अचानक हटाने से चूहों की आबादी बढ़ जाती है, जो बीमारियां फैलाते हैं, जबकि कुत्ते पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखते हैं. दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर (CLC) की मिसाल पेश की गई, जहां 8 छात्रों ने एनिमल लॉ सेल बनाकर 49 कुत्तों में से 28 की नसबंदी कराई. खर्च खुद उठाया गया, संख्या स्थिर रही और पिछले 10 साल में कोई काटने की घटना नहीं हुई. कोर्ट ने पूछा कि प्रक्रिया के बाद आबादी बढ़ी? जवाब मिला.. नहीं, स्थिति नियंत्रित है. देश में सिर्फ 5 सरकारी डॉग शेल्टर हैं, क्षमता 100 कुत्तों प्रत्येक. सुनवाई आज खत्म हुई, कल जारी रहेगी. आज कोर्ट में काफी दिलचस्प दलीलें दी गईं. पूरे बहस में क्या क्या हुआ बता रहे हैं सीनियर एडिटर आशीष कुमार भार्गव