तेहरान से लेकर खुरासान तक ईरान सुलग रहा है. पिछले 12 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन अब हिंसक हो चुके हैं. सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है. सवाल यह है कि क्या हालात जंग तक पहुंचेंगे?
ईरान में विरोध की आग
ईरान में महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन में बदल गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कम से कम 26 सूबों में प्रदर्शन की चिंगारी सुलग उठी है. सड़कों पर लोग बदलाव की मांग कर रहे हैं. इस बीच सरकार ने बातचीत का संकेत दिया है, लेकिन हिंसा को बर्दाश्त न करने की चेतावनी भी दी है.
36 लोगों की मौत, 2000 गिरफ्तार
नए आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 2000 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हालात इतने बिगड़ गए हैं कि पुलिस अधिकारी भी निशाने पर हैं. पश्चिमी ईरान के इस्लाम प्रांत में एक पुलिस कमांडर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसके अलावा आज एक और पुलिसकर्मी की मौत की खबर आई है.
अमेरिका की धमकी और ईरान का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है और कहा है कि उनकी मिसाइलें तैयार हैं. दूसरी तरफ ईरान के सुप्रीम लीडर खामनेई ने साफ कर दिया है कि देश झुकेगा नहीं. ईरान के कमांडर इन चीफ ने चेतावनी दी है. "अगर दुश्मन ने गुस्ताखी की तो हाथ काट दिए जाएंगे." इतिहास गवाह है कि अमेरिका और ईरान के बीच टकराव नया नहीं है. पिछली बार अमेरिका ने ईरान की न्यूक्लियर साइट को निशाना बनाया था, जिसके जवाब में ईरान ने अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला किया था. सवाल है कि इस बार क्या होगा?
सोशल मीडिया पर मिसाइलों के वीडियो वायरल
ईरान में विदेशी ताकतों की कथित दखलअंदाजी को लेकर नाराजगी बढ़ रही है. इसी बीच सोशल मीडिया पर ईरान की मिसाइलों के पुराने वीडियो वायरल हो रहे हैं. सरकार इंटरनेट बंद करने की कोशिश कर रही है, लेकिन प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि संवाद किसी भी हाल में बंद नहीं होगा.
क्या हालात जंग तक पहुंचेंगे?
ईरान में विरोध प्रदर्शन अब क्रांति का रूप लेता दिख रहा है. सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ आंदोलन रहेगा या फिर अमेरिका और ईरान के बीच आर-पार की जंग होगी? दुनिया की नजरें तेहरान पर टिकी हैं.