आज शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को जुमे की नमाज से पहले पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फ़ैज़-ए-इलाही मस्जिद के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
वीडियो रिपोर्ट और वर्तमान स्थिति के अनुसार मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
1. सुरक्षा व्यवस्था और प्रतिबंध
भारी पुलिस बल: मस्जिद और आसपास के इलाकों में 1,000 से अधिक पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों (Paramilitary forces) की कई कंपनियां तैनात की गई हैं.
धारा 163 (पुराणी धारा 144): इलाके में पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पाबंदी लगा दी गई है.
अपील: दिल्ली पुलिस और मस्जिद के पदाधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे भीड़भाड़ से बचने के लिए अपने घरों में या पास की स्थानीय मस्जिदों में ही नमाज अदा करें.
2. तनाव का मुख्य कारण
अतिक्रमण विरोधी अभियान: यह तनाव बुधवार (7 जनवरी) की रात एमसीडी (MCD) द्वारा की गई कार्रवाई के बाद शुरू हुआ. दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश पर मस्जिद के पास बने अवैध कम्युनिटी हॉल (बारात घर) और डिस्पेंसरी को ढहा दिया गया था.
अफवाह और हिंसा: सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैल गई थी कि मस्जिद को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, जिसके बाद भीड़ ने पथराव किया. इस हिंसा में 5 पुलिसकर्मी घायल हुए थे.
मस्जिद की स्थिति: प्रशासन और ड्रोन फुटेज ने स्पष्ट किया है कि मस्जिद और कब्रिस्तान पूरी तरह सुरक्षित हैं। केवल अवैध व्यावसायिक ढांचों को ही हटाया गया है.
3. कानूनी कार्रवाई
गिरफ्तारियां: पुलिस ने अब तक 11 लोगों को गिरफ्तार किया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 30 अन्य लोगों की पहचान की है.
जांच: रिपोर्ट के अनुसार, समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी से भी पूछताछ की जा सकती है, क्योंकि वे हिंसा शुरू होने से कुछ समय पहले वहां मौजूद थे.