अंतरिक्ष से अल नीनो की आहट: इसरो के EOS-06 ने पकड़े संकेत, 741KM ऊपर से प्रशांत में बड़ा बदलाव देखा

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  • प्रकाशित: सितम्बर 13, 2026

इसरो के EOS-06 यानी Oceansat-3 सैटेलाइट ने 741KM ऊपर से अल नीनो के शुरुआती संकेत पकड़े, दुनिया भर के वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ी. अल नीनो क्या है - प्रशांत महासागर में समुद्र सतह सामान्य से ज्यादा गर्म होना, हवाओं का पैटर्न बदलना, असर पूरी दुनिया के मौसम पर, भारत में अक्सर कमजोर मॉनसून और कम बारिश से जुड़ा. इसरो ने 2 बड़े बदलाव देखे,  1. क्लोरोफिल-A का स्तर तेजी से घटा, ये फाइटोप्लैंकटन में होता है, समुद्री खाद्य श्रृंखला की नींव है. दूसरा समुद्र सतह पर हवाओं की दिशा में बदलाव. दोनों अल नीनो के क्लासिक संकेत. हैदराबाद स्थित NRSC के विश्लेषण में 2024-25 की तुलना में 2026 में प्रशांत में जैविक गतिविधि कम हुई, मतलब समुद्र के अंदर बड़े बदलाव शुरू. WMO ने भी 2026 में अल नीनो बनने की संभावना ज्यादा बताई, कई मॉडल इसे मजबूत अल नीनो कह रहे.