कुशलता के कदम: कश्मीर के कारीगरों को मिली नई पहचान

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  • प्रकाशित: जनवरी 26, 2019
जितनी खूबसूरती जम्मू कश्मीर की वादियों को प्रकृति ने दी है, उतनी ही खूबसूरत यहां लोक कलाएं और कारीगरी हैं. हैंडीग्राफ्ट से लेकर पश्मीना के बारीक काम तक घाटी में इस हुनर का एक लंबा इतिहास है. जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलते आ रहे हैं. इस कारीगरी और हुनर को देखते हुए यहां 2016 में ऊषा सिलाई लेबल ने गारमेंट डिजाइन और प्रोडक्शन का सेंटर शुरू किया.

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