महाराष्‍ट्र में मिलावटखोरों की खैर नहीं! बीएमसी कैंटीन से हाई कोर्ट तक 'सिंघम' का चला 'हंटर'

  • 31:13
  • प्रकाशित: अगस्त 02, 2026

NDTV की ये स्पेशल रिपोर्ट मुंबई की मरीन ड्राइव से शुरू होती है, जहां ऊँची लहरों के बहाने खाने-पीने में हो रही मिलावट की 'कड़वी सच्चाई' को उजागर किया गया है. रिपोर्ट का केंद्र महाराष्ट्र FDA के नए कमिश्नर IAS तुकाराम मुंडे हैं, जिन्होंने पदभार संभालते ही मिलावटखोरों के खिलाफ हंटर चलाया है. पिछले 2 महीनों में मुंडे के नेतृत्व में FDA ने महाराष्ट्र में 1,100 से ज्यादा रेड कीं और 56 होटल-रेस्टोरेंट के लाइसेंस सस्पेंड किए.100 साल पुराने नूर मोहम्मदी, 50 साल पुराना शालीमार, 110 साल पुराना पारसी डेयरी फार्म, रुस्तम आइसक्रीम, वारसा और फ्लिंट जैसे बड़े नाम भी नहीं बचे. कार्रवाई BMC कैंटीन और बॉम्बे हाईकोर्ट की कैंटीन तक पहुंची. इतना ही नहीं, जुहू जिमखाना, CCI, वेलिंगटन क्लब जैसे हाई-प्रोफाइल क्लबों के लाइसेंस भी सस्पेंड हुए. रिपोर्ट में दिखाया गया कि लैब में सैंपल टेस्टिंग की रफ्तार 3 गुना बढ़ गई है. 2025 में पूरे साल 15,000 सैंपल टेस्ट हुए थे, जबकि जुलाई के पहले 15 दिन में ही 8,700 सैंपल टेस्ट हो गए. दूध में डिटर्जेंट और शुगर मिलाने जैसे मामले सामने आए. FSSAI की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में हर 10 में से 3 सैंपल मिलावटी हैं और हर साल 500 करोड़ रुपये का जहरीला सामान पकड़ा जाता है. मुंडे की सख्ती से रेस्टोरेंट और स्ट्रीट वेंडर्स में डर और सुधार दोनों दिख रहे हैं. कई होटल मालिक कह रहे हैं कि 'इसी बहाने हम और बेहतर हो गए'. मुंडे ने चेतावनी दी है कि जंक फूड और मिलावटी सामान का विज्ञापन करने वाले एक्टर्स और इन्फ्लुएंसर्स पर भी कार्रवाई होगी. लेकिन सवाल ये भी उठा है कि सिस्टम में 40-50% पद खाली हैं और सजा की दर 5% से कम है. FDA के 29 कर्मचारियों ने 'ज्यादा काम' की शिकायत भी की. जनता खुश है कि कोई तो सिस्टम साफ कर रहा है, लेकिन डर ये भी है कि कहीं मुंडे का ट्रांसफर न हो जाए. 20 साल में 25 ट्रांसफर झेल चुके मुंडे ने कहा- 'मेरा मकसद FDA को मिलावटखोरों के लिए सबसे खौफनाक और कानून मानने वालों के लिए सबसे भरोसेमंद बनाना है.'

संबंधित वीडियो