अयोध्‍या राम मंदिर का नया CEO कौन होगा, रेस में प्रमोद कोहली समेत ये 3 नाम

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  • प्रकाशित: जुलाई 10, 2026

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है. 6 जुलाई को हुई बैठक में तय हुआ कि अब मंदिर के संचालन के लिए एक सीईओ नियुक्त किया जाएगा. इस नियुक्ति की जिम्मेदारी प्रमोद कोहली, विष्णुकांत चतुर्वेदी और सुरेश हावरे को दी गई है. सूत्रों के मुताबिक, सीईओ सरकारी अधिकारी नहीं होगा. समिति ने तय किया है कि उम्मीदवार सनातनी हो और उसे प्रशासनिक अनुभव भी हो, क्योंकि हर साल करोड़ों श्रद्धालु आते हैं और हजारों करोड़ की लेन-देन होती है. जल्द ही तीनों सदस्य बैठक कर इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू करेंगे.
इधर चढ़ावा चोरी की जांच में पुलिस को बड़े खुलासे मिले हैं. आरोपी अनुकल्प मिश्रा, उसके जीजा लवकुश और करुणेश पांडे से करीब 2 लाख रुपये कैश और 10 लाख रुपये के सोने के जेवर बरामद किए गए हैं. पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने चोरी की रकम को ब्याज पर रिश्तेदारों और जानकारों को दिया और कुछ पैसा शेयर बाजार में भी लगाया. आरोपियों ने खुद कबूल किया है कि वे पैसा पहले रिश्तेदारों के खातों में भेजते थे, फिर अपने खातों में मंगवाते थे. पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा संदिग्ध बैंक खातों की पहचान कर उन्हें फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार लोग नोट गिनने के लिए नहीं रखे गए थे. वे थर्ड पार्टी कंपनी के जरिए हाउसकीपिंग के लिए आए थे. उनका काम कटे-फटे नोट अलग करना और करेंसी सॉर्टिंग मशीन में नोट डालना था. इसी दौरान वे 500 और 100 के नोट निकाल लेते थे. नोटों की गिनती बाद में कैश काउंटिंग मशीन में होती थी.ट्रस्ट ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के वीआईपी दर्शन पास भी निष्क्रिय कर दिए हैं. साथ ही सुगम दर्शन पास सिस्टम को डिएक्टिवेट कर चढ़ावा प्रबंधन की नई सुरक्षित व्यवस्था लागू की गई है.

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