राम मंदिर चढ़ावा चोरी में चंपत राय का पहला बयान- जिम्मेदारी स्वीकार, हेराफेरी में भूमिका से इनकार

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. वहीं, चंपत राय ने चढ़ावा चोरी में अपनी किसी भी भूमिका से साफ इनकार किया है. उनका दावा है कि जानकारी मिलते ही उन्होंने ही संदिग्धों को पकड़वाया था, लेकिन FIR दर्ज कराने में हुई देरी को लेकर उन्होंने अपनी लापरवाही मानी है. जांचकर्ताओं के अनुसार, चंपत राय भले ही ईमानदार हों, लेकिन एक अच्छे एडमिनिस्ट्रेटर नहीं हैं. उनकी 'घोर लापरवाही' के कारण ही मंदिर ट्रस्ट को यह आर्थिक चपत लगी है. राम मंदिर परिसर में बिना किसी पद के असीमित शक्तियों का इस्तेमाल करने वाला टिन्नू यादव कौन है? इसके घर से लाखों का कैश और जेवरात मिलने के बावजूद चंपत राय इस मामले में चुप क्यों हैं? पुलिस अब केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित नहीं है. चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव समेत कई बड़े लोगों के बैंक खातों और संपत्तियों की गहन जांच शुरू हो गई है. शुरुआती जांच के आधार पर अयोध्या पुलिस एक्शन ले रही है, लेकिन जुलाई में SIT की टीम एक बार फिर अयोध्या जाकर इस मामले की फाइनल रिपोर्ट तैयार करेगी.

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