संसद का सत्र समाप्त हो गया, लेकिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा न होने को लेकर सवाल अब भी बने हुए हैं. पूरे सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिला, जिसके कारण कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक बहस नहीं हो सकी.