उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले एक्सप्रेसवे अब सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि बड़ा चुनावी मुद्दा बनते नजर आ रहे हैं. अमेठी से लेकर पूर्वांचल और गंगा एक्सप्रेसवे तक, विकास कार्यों को लेकर बीजेपी और विपक्ष आमने-सामने हैं. एक तरफ सरकार बेहतर सड़क, बिजली, कानून-व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर को अपनी उपलब्धि बता रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष विकास कार्यों, रखरखाव और स्थानीय समस्याओं को लेकर सवाल उठा रहा है. जनता के बीच भी विकास को लेकर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है. ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि एक्सप्रेसवे और विकास परियोजनाएं 2027 के चुनाव में जनता के वोट को कितना प्रभावित करेंगी और क्या यही मुद्दे चुनावी समीकरण तय करेंगे.