पीएम मोदी ने कहा, "हमारे अलग-अलग विचारों के साथ-साथ, BRICS में सहयोग के लिए हमारा साझा कमिटमेंट भी साफ तौर पर सामने आया है. आज की चर्चा से यह साफ हो गया है कि बदलती दुनिया को पुराने इंस्टीट्यूशन नहीं चला सकते; रिप्रेजेंटेशन, रिस्पॉन्सिवनेस और नियम बनाने में सुधार जरूरी हैं. हमने इस बात पर भी जोर दिया कि ग्लोबल साउथ को भविष्य की टेक्नोलॉजी और उन्हें कंट्रोल करने वाले नियमों के डेवलपमेंट में बराबर की हिस्सेदारी मिलनी चाहिए.