1. फ्रीबीज बनाम जनता का पैसा
वक्ता का कहना है कि जिसे “फ्री” कहा जाता है, वह दरअसल जनता का ही पैसा है. जनता का पैसा अगर जनता तक पहुँचे तो वह अपमान नहीं होना चाहिए, लेकिन उसी पैसे से नेताओं की सुविधाएँ और प्रचार करना गलत है. स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल और अस्पताल बनाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा.
2. बीजेपी सरकार पर आरोप
गैस और तेल महंगे हैं, बेरोजगारी और अपराध बढ़े हैं. पश्चिम बंगाल में बीजेपी बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, लेकिन जनता का भरोसा कमजोर है. चुनावों में फ्रीबीज को “गेम चेंजर” बनाना राजनीतिक विफलता माना गया.
3. टीएमसी और मंदिर राजनीति की आलोचना
टीएमसी पर आरोप है कि उसने भी जनता का पैसा जनता तक पहुँचाने की बात की, लेकिन शिक्षा और स्वास्थ्य के बजाय हजारों करोड़ मंदिर निर्माण में लगाए. वक्ता का कहना है कि यही विरोध का मुख्य कारण है.
4. बाबरी मस्जिद और मुस्लिम राजनीति
दोनों पक्षों पर दोहरापन आरोपित किया गया. पहले बाबरी मस्जिद के विरोध के बयान, फिर उसी से जुड़े लोगों से गठबंधन, और बाद में दूरी. इससे मुस्लिम समुदाय के भरोसे पर सवाल उठाया गया.
5. टीवी बहस में आपत्तिजनक भाषा का मुद्दा
एक पैनलिस्ट द्वारा स्त्रीविरोधी और अपमानजनक शब्दों के प्रयोग पर एंकर ने कड़ी आपत्ति जताई. इसे आधी आबादी का अपमान और अस्वीकार्य बताया गया. सार्वजनिक बहस में भाषाई मर्यादा पर जोर दिया गया.
6. घुसपैठ का मुद्दा
बीजेपी ने दावा किया कि घुसपैठ एक गंभीर राष्ट्रीय समस्या है और इस पर कार्रवाई जारी है. रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के उदाहरण देते हुए कहा गया कि कुछ राज्य सरकारें बाधा बनती हैं.
विरोधी पक्ष ने सवाल उठाया कि अगर केंद्र में पूर्ण बहुमत है तो ठोस और समान कार्रवाई पूरे देश में क्यों नहीं.
7. यूसीसी पर बहस
बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में सरकार बनने पर यूसीसी लागू करने का दावा किया. विपक्ष ने पूछा कि जब केंद्र में ताकत है तो इसे चरणों में क्यों लागू किया जा रहा है.