दुर्गा पूजा से पहले बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री के बयान से बंगाल में बवाल मच गया है. बंगाल में कथा के दौरान उन्होंने अपील की कि नवरात्र / दुर्गा पूजा के दौरान मांस-मदिरा की दुकानें बंद रहनी चाहिए और पंडाल के आसपास नॉनवेज की बिक्री पर रोक लगनी चाहिए. उन्होंने लोगों से मोबाइल लाइट जलाकर समर्थन मांगते हुए कहा- "कौन-कौन चाहता है दुर्गा पूजा में मांस-मदिरा बंद हो, ये बात सरकार तक पहुंचे." इस पर सियासत गरमा गई. बीजेपी नेता समित भट्टाचार्य ने कहा, "बागेश्वर बाबा दूसरे दुनिया के इंसान हैं, फेमस हैं, संत होने के नाते बोल सकते हैं लेकिन बंगाल के लोग क्या खाएंगे ये तय करने का अधिकार उन्हें नहीं है." TMC नेता सौगत राय ने उन्हें बाहरी बताते हुए कहा, "बाहर से आकर कोई बाबा कैसे तय करेगा बंगाल के लोगों की आजादी क्या है, लोग जैसे चाहते हैं वैसे नियम पालन कर पूजा करेंगे." कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि दुर्गा पूजा बंगाल की मिट्टी से शुरू हुआ सामाजिक उत्सव है, सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, कौन क्या खाएगा-पहनेगा ये RSS, बीजेपी या उनके बाबा तय नहीं कर सकते. विवाद के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान किया कि बंगाल में महाअष्टमी के दिन शराब की दुकानें बंद रहेंगी.