Uttarakhand Politics: उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी सरगर्मियां तेज होने लगी हैं. चुनाव में अब ज्यादा समय न होने के बीच दल-बदल का सिलसिला भी शुरू हो गया है. इसी कड़ी में उत्तराखंड कांग्रेस ने दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तीन पूर्व विधायकों समेत छह प्रमुख नेताओं को पार्टी में शामिल कराया है. इस घटनाक्रम से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और चुनावी समीकरणों पर असर पड़ने की चर्चा शुरू हो गई है.
चुनावी तैयारी के बीच तेज हुआ दल-बदल
2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस दोनों ही अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं. ऐसे में कांग्रेस द्वारा भाजपा, बसपा और निर्दलीय पृष्ठभूमि से आने वाले नेताओं को पार्टी में शामिल करना अहम माना जा रहा है. कांग्रेस का यह कदम आगामी चुनावों से पहले अपने राजनीतिक आधार को विस्तार देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है.
दिल्ली में आयोजित हुआ जॉइनिंग कार्यक्रम
दिल्ली में हुए इस कार्यक्रम में उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा की मौजूदगी में सभी नेताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की. इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव संचालन समिति अध्यक्ष और वर्तमान विधायक प्रीतम सिंह, चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य सहित पार्टी की सीनियर लीडरशिप मौजूद रही.
BJP के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल कांग्रेस में शामिल
इस सूची में सबसे चर्चित नाम राजकुमार ठुकराल का रहा. राजकुमार ठुकराल 2012 और 2017 में भाजपा के टिकट से उधम सिंह नगर की रुद्रपुर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं. वर्ष 2022 में टिकट न मिलने के बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था, हालांकि जीत हासिल नहीं कर पाए. इसके बावजूद उन्हें करीब 27 हजार वोट मिले थे. उनके राजनीतिक सफर की बात करें तो वे 1997 में रुद्रपुर मुख्य बाजार क्षेत्र से सभासद चुने गए थे और राज्य आंदोलन के दौरान 22 दिन तक जेल भी रहे. बाद में वे भाजपा से नगर पालिका अध्यक्ष भी रहे.
BSP के पूर्व विधायक नारायण पाल ने भी थामा 'हाथ'
नारायण पाल भी कांग्रेस में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल हैं. वे उधम सिंह नगर की सितारगंज सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं. 2002 और 2007 में उन्होंने बसपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी. इसके बाद वे नैनीताल जिले की हल्द्वानी सीट पर भी राजनीतिक रूप से सक्रिय रहे हैं.
निर्दलीय और स्थानीय स्तर के नेताओं की एंट्री
रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल ने भी कांग्रेस का दामन थाम लिया है. गौरव गोयल ने भाजपा से बगावत कर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में रुड़की नगर निगम का चुनाव लड़ा था और भाजपा‑कांग्रेस दोनों को हराकर जीत दर्ज की थी. इसके अलावा टिहरी की घनसाली विधानसभा सीट से दो बार विधायक रह चुके भीमलाल आर्य, भीमताल सीट से 2022 में निर्दलीय प्रत्याशी रहे ब्लॉक प्रमुख लाखन सिंह नेगी और मसूरी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अनुज गुप्ता भी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं.
राजनीतिक गलियारों में बढ़ी हलचल
हालांकि विधानसभा चुनाव में अभी वक्त है, लेकिन जिस तरह कांग्रेस ने भाजपा और अन्य दलों से जुड़े नेताओं को पार्टी में शामिल किया है, उससे उत्तराखंड की राजनीति गरमा गई है. इसे कांग्रेस की संगठनात्मक मजबूती के साथ-साथ आने वाले चुनावों की रणनीतिक तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है.
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