यूपी में अब नहीं होगी प्रॉपर्टी की फर्जी रजिस्ट्री! ओला-उबर पर भी बदले नियम, योगी कैबिनेट के बड़े फैसले

UP Cabinet Decisions: बिना मिल्कियत सुनिश्चित किए रजिस्ट्री नहीं की जाएगी. सर्किल रेट के आधार पर ही स्टाम्प शुल्क लगेगा, साथ ही नगर निगम सीमा के भीतर 2% विकास शुल्क अलग से देय होगा.

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  • यूपी कैबिनेट ने 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी, परिवहन, निवेश, स्टाम्प विभाग और बुनियादी ढांचे के बदलाव शामिल हैं
  • प्रॉपर्टी धोखाधड़ी रोकने खतौनी से पहचान का क्रॉस-चेक अनिवार्य किया है और स्टाम्प शुल्क सर्किल रेट पर तय होगा
  • चीन से निवेश को सरल बनाने के लिए FDI नियमों में ढील दी गई. प्रदेश में विदेशी पूंजी और रोजगार बढ़ाने की उम्मीद
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लखनऊ:

यूपी CM योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि कैबिनेट ने कुल 30 प्रस्तावों पर अपनी मुहर लगाई है. इन फैसलों में परिवहन, बुनियादी ढांचे, निवेश और स्टाम्प विभाग से जुड़े कई बदलाव शामिल हैं.

प्रॉपर्टी में नहीं होगी धोखाधड़ी, खतौनी से होगा मिलान

प्रॉपर्टी धोखाधड़ी को रोकने के लिए सरकार ने रजिस्ट्री के नियमों को सख्त कर दिया है. अब संपत्ति बेचने वाले की पहचान का रिकॉर्ड खतौनी (लैंड रिकॉर्ड) से क्रॉस-चेक किया जाएगा. स्टाम्प निबंधन विभाग अब प्रॉपर्टी के 'मालिकाना हक' की गहन जांच करेगा. बिना मिल्कियत सुनिश्चित किए रजिस्ट्री नहीं की जाएगी. सर्किल रेट के आधार पर ही स्टाम्प शुल्क लगेगा, साथ ही नगर निगम सीमा के भीतर 2% विकास शुल्क अलग से देय होगा.

ओला-उबर को लेकर बदले नियम

गांवों को शहरों से जोड़ने के लिए सरकार ने एक बड़ी योजना को मंजूरी दी है. प्रदेश की सभी ग्राम सभाओं तक सरकारी बसों की पहुंच सुनिश्चित की जाएगी. ग्रामीण मार्गों पर चलने के लिए विशेष रूप से छोटी 28 सीटर बसों का संचालन किया जाएगा. मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन के बाद अब ओला और उबर जैसी कंपनियों को राज्य में अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. यह रजिस्ट्रेशन 5 वर्ष के लिए मान्य होगा और इसके बाद रिन्यूअल कराना होगा.

बुनियादी ढांचा: एयरपोर्ट और जल जीवन मिशन

इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भी कैबिनेट ने बड़े बजट और समय सीमा को मंजूरी दी है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के संशोधित बजट को मंजूरी दी गई है, जो अब 3630 करोड़ रुपये होगा.

स्थानीय निकायों को राहत

नगर निकायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है. स्थानीय निकायों को संबल प्रदान करने के लिए लिए जाने वाले शुल्क को अब छमाही करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है.
 

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