नोएडा : सुपरनोवा के खरीदारों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जानिए कब से शुरू होगी रजिस्ट्री

कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सुपरनोवा के IRP को भंग कर दिया है और परियोजना की देखरेख के लिए एक तीन सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है. जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एम.एम. कुमार इस समिति के अध्यक्ष होंगे.

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  • SC के आदेश से नोएडा सुपरनोवा परियोजना के लगभग 497 फ्लैट खरीदारों के मालिकाना हक सुनिश्चित हो गए हैं.
  • नोवा ईस्ट और नोवा वेस्ट टावरों के फ्लैट की रजिस्ट्री अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शुरू हो सकेगी.
  • सुप्रीम कोर्ट ने सुपरनोवा परियोजना के IRP को भंग कर एक तीन सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है.
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नोएडा की बहुचर्चित सुपरनोवा परियोजना के खरीदारों के लिए सुप्रीम कोर्ट का हालिया आदेश एक 'लैंडमार्क जजमेंट' साबित हुआ है, जिससे करीब 497 फ्लैट बायर्स के मालिकाना हक का रास्ता साफ हो गया है. कोर्ट के इस फैसले के बाद अब नोवा ईस्ट और नोवा वेस्ट टावरों के खरीदारों की रजिस्ट्री शुरू हो सकेगी.

गौरतलब है कि इन टावरों में कुल 583 फ्लैट्स हैं, जिनमें से अब तक केवल 85 की ही रजिस्ट्री हो पाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सुपरनोवा के IRP को भंग कर दिया है और परियोजना की देखरेख के लिए एक तीन सदस्यीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति का गठन किया है. जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एम.एम. कुमार इस समिति के अध्यक्ष होंगे.

यह समिति अब प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए एक नए डेवलपर का चयन करेगी, जिससे रुके हुए निर्माण कार्यों को गति मिलेगी. कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रोजेक्ट पर नोएडा अथॉरिटी का 3300 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, लेकिन भुगतान की प्राथमिकता तय कर दी गई है. आदेश के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद सबसे पहले बैंकों का बकाया चुकाया जाएगा और उसके पश्चात नोएडा अथॉरिटी के बकाये का निपटारा होगा. इस ऐतिहासिक फैसले से सालों से अपने घर का इंतजार कर रहे बायर्स में भारी उत्साह देखा जा रहा है.

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