- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अनुज चौधरी समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया
- संभल हिंसा में मोहम्मद आलम पर गोली चलाने के मामले में सीजेएम कोर्ट के आदेश पर हाई कोर्ट ने रोक लगाई
- अनुज चौधरी, तत्कालीन कोतवाली इंस्पेक्टर अनुज तोमर ने सीजेएम कोर्ट के आदेश को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती
चर्चित एएसपी अनुज चौधरी को आज इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने अनुज चौधरी समेत पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से मना कर दिया है. तत्कालीन कोतवाली इंस्पेक्टर अनुज तोमर को भी राहत मिली है. इसी के साथ हाईकोर्ट की जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने संभल सीजेएम कोर्ट के 9 जनवरी के आदेश पर भी रोक लगा दी है.
आदेश पर लगी रोक,पांच हफ्ते बाद सुनवाई
संभल हिंसा के दौरान बेटे आलम पर गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ पिता यामीन ने केस किया था जिसके बाद सीजेएम कोर्ट ने अनज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे जिसे इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है. शिकायतकर्ता यामीन से दोनों याचिकाओं पर जवाब दाखिल करने को कहा गया है. इस मामले की सुनवाई पांच हफ्ते बाद होगी.
सीजेएम कोर्ट के आदेश को दी थी चुनौती
अनुज चौधरी और यूपी सरकार की तरफ से दाखिल याचिका पर सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी.दोनों ने अलग–अलग याचिका दाखिल की है. संभल के पूर्व सीओ अनुज कुमार चौधरी के साथ ही तत्कालीन कोतवाली इंस्पेक्टर अनुज तोमर ने भी याचिका दाखिल की हुई है.
यूपी सरकार की तरफ से दाखिल याचिका में शिकायतकर्ता यामीन को प्रतिवादी बनाया गया है. दो फरवरी को इस मामले में संभल के तत्कालीन डीएसपी/एएसपी अनुज कुमार चौधरी और तत्कालीन कोतवाली इंस्पेक्टर अनुज कुमार तोमर की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई थी.दोनों ने संभल की सीजेएम कोर्ट की ओर से एफआईआर दर्ज करने के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी जिसपर आज राहत मिली है.
क्या था मामला?
ज्ञात हो कि 9 जनवरी को संभल के पूर्व सीजेएम विभांशु सुधीर ने पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी और अन्य 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.याचिका में संभल कोर्ट से एफआईआर दर्ज करने वाले आदेश को रद्द करने की मांग की गई थी. पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश 24 नवंबर 2024 को हुई संभल हिंसा के दौरान मोहम्मद आलम पर गोली चलाने के आरोप में दिया गया था.
पुलिस ने मोहम्मद आलम को भी संभल हिंसा में आरोपी बनाया था.आलम के पिता यामीन ने संभल कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अपने बेटे पर गोली चलाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी.कहा गया था कि पुलिस फायरिंग के दौरान मोहम्मद आलम गोली लगने से घायल हुआ था.हाल ही में आरोपी आलम को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 फरवरी तक के लिए अग्रिम जमानत दी है.
संभल के सीजेएम विभांशु सुधीर द्वारा 156 (3) के तहत पुलिस अफसर अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया गया था. संभल हिंसा के दौरान पीपीएस अफसर अनुज चौधरी संभल में डिप्टी एसपी के पद पर तैनात थे. प्रमोशन के बाद अब वो फिरोजाबाद में तैनात हैं.हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर एएसपी अनुज चौधरी समेत अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश देने वाले सीजेएम विभांशु सुधीर का तबादला सुल्तानपुर हुआ है.सीजेएम कोर्ट के फैसले के खिलाफ अनुज चौधरी और यूपी सरकार अलग–अलग इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंची है.














