- नोएडा के फेस-2, सेक्टर-63 और सेक्टर-62 में मजदूरों के उग्र प्रदर्शन से भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी
- प्रदर्शनकारी मजदूरों ने कई जगह पत्थरबाजी की और पुलिस वाहनों में आग लगाई, जिससे हिंसक संघर्ष हुआ
- पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने की कोशिश की, पर आमने-सामने की स्थिति बनी
Noida Protest Photos and Videos: नोएडा में चल रहा मजदूरों का प्रदर्शन आज और उग्र हो गया. इससे नोएडा फेस-2, नोएडा सेक्टर-63, सेक्टर-62 में मजदूरों के उग्र प्रदर्शन से हड़कंप मच गया है. इससे नोएडा में कई जगह ट्रैफिक जाम हो गया है. उग्र मजदूरों ने कई जगह पर पथराव किया, पुलिस की गाडि़यों में आग लगा दी. थाना फेस-टू और ईकोटेक थर्ड क्षेत्र में सैकड़ो मजदूर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए. देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया और पथराव आगजनी तथा पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई.
नोएडा में उग्र प्रदर्शनकारी मजदूरों को शांत करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच आमने-सामने की स्थिति बन गई.
मजदूरों का यह आंदोलन पिछले कुछ दिनों से जारी था, इसकी शुरुआत गुरुग्राम से शुरू हुई जो कि अब नोएडा पहुंच गई.
नोएडा का फेस-2 क्षेत्र जहां होजरी कंपलेक्स में करीब 100 से अधिक कंपनियां संचालित है, इस आंदोलन का प्रमुख केंद्र रहा.
वहीं, ईकोटेक थर्ड के औद्योगिक विहार क्षेत्र में भी 100 से अधिक कंपनियां है, जहां से बड़ी संख्या में मजदूर इस प्रदर्शन में शामिल हुए. मजदूरों के उग्र प्रदर्शन के कारण चिल्ला बॉर्डर से अक्षरधाम तक ट्रैफिक जाम लग गया है. लोग घंटों से जाम में फंसे हुए हैं.
कुल मिलाकर इन दोनों क्षेत्रों में 500 से अधिक कंपनियों के कर्मचारी किसी न किसी रूप में इस आंदोलन से जुड़े बताए जा रहे हैं. प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि उनकी मांगे लंबे समय से अनसुनी की जा रही है.
मजदूरों की मुख्य मांग हैं- न्यूनतम वेतन बढ़कर 26000 रुपये प्रतिमाह की जाए, ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से मिले, काम के घंटे तय हों और अतिरिक्त काम का दबाव न हो, हर सप्ताह एक दिन का अवकाश सुनिश्चित किया जाए, वेतन समय पर बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाए, श्रम कानून का शक्ति से पालन हो.
मजदूरों को आरोप है कि उन्हें मौजूदा समय में बहुत कम वेतन मिल रहा है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है. क्या कर्मचारियों को प्रतिदिन 500 से ₹700 तक ही मजदूरी मिलती है.
इसके अलावा 10-12 घंटे तक काम कराया जाता है. ओवर टाइम का सही भुगतान नहीं होता. छुट्टी और बोनस जैसी सुविधाएं नहीं मिलती. इन समस्याओं के कारण मजदूरों का गुस्सा लगातार बढ़ता गया और आखिरकार प्रदर्शन उग्र हो गया.
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