- उत्तर प्रदेश के संभल में हर साल होली के बाद परंपरागत नेजा मेला आयोजित किया जाता है जो लगभग तीन दिन चलता है.
- पिछले साल प्रशासन ने नवंबर 2024 में हुई हिंसा और सांप्रदायिक तनाव के कारण नेजा मेले की अनुमति नहीं दी थी.
- नेजा मेला कमेटी ने मेले के आयोजन की अनुमति के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की है.
उत्तर प्रदेश के संभल में हर साल आयोजित होने वाले परंपरागत नेजा मेले के मामले का विवाद इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है. पिछले साल प्रशासन की तरफ से लगी रोक के चलते इस मेले का आयोजन नहीं हो सका था और इस बार नेजा मेला की कमेटी ने इसके आयोजन को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
नेजा मेला कमेटी को ये डर है कि प्रशासन की तरफ से इस बार भी मेले की अनुमति नहीं मिलेगी, जिसके चलते इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण ली गई है. नेजा मेला कमेटी की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट C याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट से मांग की गई है कि कोर्ट इस मामले में दखल दे और मेले के आयोजन की अनुमति दी जाए. इस मामले में जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डबल बेंच 29 जनवरी को सुनवाई करेगी.
गौरतलब है कि संभल में हर साल होली के त्यौहार के बाद नेजा मेला का आयोजन किया जाता है. इस मेले में परंपरा के मुताबिक होली के लगभग एक हफ्ते बाद नेजा (भाला या झंडा) गाड़कर मेले की शुरुआत की जाती है. यह मेला लगभग तीन दिन तक चलता है. पिछले साल 2025 में प्रशासन ने संभल में नवंबर 2024 में हुई हिंसा के बाद हालांकि सांप्रदायिक तनाव के कारण इस मेले के आयोजन की अनुमति नहीं दी थी.
नेजा मेला ऐतिहासिक रूप से महमूद गजनवी के भांजे और सेनापति सैयद सालार मसूद गाजी की याद में हर साल मनाया जाता है. पिछले साल संभल प्रशासन ने नेजा मेला कमेटी से यह भी साफ कहा था कि किसी भी आक्रांता के नाम पर किसी भी आयोजन की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिसके बाद मेले का आयोजन नहीं हुआ था. लेकिन इस बार नेजा मेला कमेटी ने मेले के आयोजन को लेकर फिर से तैयारी शुरू कर दी हैं. नेजा मेले के आयोजन से पहले ढाल गाढ़ी जाती है. नेजा मेला कमेटी की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि इस मेले का आयोजन करीब 1000 सालों से किया जाता रहा है.
नेजा मेला कमेटी की तरफ से याचिका दाखिल करने वाले अधिवक्ता शबीह जमाल ने बताया कि याचिका में कहा गया है कि पिछले साल मेला न लगने की वजह से स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा था. इसके अलावा कई तरह की प्रार्थना कोर्ट से याचिका के माध्यम से की गई है. नेजा मेला कमेटी की तरफ से कोर्ट में अधिवक्ता आदिल जमाल और अधिवक्ता शबीह जमाल पक्ष रखेंगे. याचिका में राज्य सरकार, संभल के डीएम और नगर पालिका परिषद को प्रतिवादी बनाया गया है. अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तय करेगा कि क्या इस बार संभल में नेजा मेला लगेगा कि नहीं या इस बार भी रोक जारी रहेगी. हाईकोर्ट के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हुई है.













