Kanpur Crime News: उत्तर प्रदेश के कानुपर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. जहां, एक युवक ने 7 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. इससे पहले आरोपी ने बच्ची के 10 साल के भाई को रस्सी से बांधकर एक पुल के पास फेंक दिया. आरोपी दोनों बच्चों को पहले से जानता था, उन्हें घुमाने का लालच देकर साथ ले आया था.
घुमाने का लालच देकर ले गया था आरोपी
यह पूरा मामला कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र का है. पुलिस के अनुसार, पीड़ित परिवार मूल रूप से फतेहपुर का रहने वाला है और सचेंडी क्षेत्र में किराए के कमरे में रहता है. परिवार का मुखिया एक फैक्ट्री में काम करता है, कुछ समय पहले उसकी पत्नी का देहांत हो गया था, जिसके बाद से वह अकेले ही अपने दो बेटों और दो बेटियों की परवरिश कर रहा है. शनिवार को जब पिता काम पर गया था, तब उसके दो बच्चे (10 साल का बेटा और 7 साल की बेटी) घर के बाहर खेल रहे थे. उसके जाने के बाद घर के पास स्थित एक होटल में काम करने वाला दीपक नाम का युवक बच्चों के पास पहुंचा. घर के पास ही चाय की दुकान होने के कारण बच्चे उसे जानते थे. इसलिए जब उसने घुमाने के लिए कहा तो बच्चे उसके साथ चले गए.
भाई के सामने बहन से दुष्कर्म
आरोपी दीपक दोनों बच्चों को किसाननगर पुल के पास एक सुनसान जगह पर ले गया. जहां उसनेखेल-खेल में 10 साल के मासूम भाई के हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए और उसे पुल के पास फेंक दिया, इसके बाद उसकी मासूम बहन के साथ दुष्कर्म किया. रस्सी से बंधा पड़ा भाई यह सब देखता रहा. मासूम बच्ची चिल्लाती रही, लेकिन दरिंदा नहीं रुका. बाद में वह दोनों बच्चों को उसी हालत में छोड़कर फरार हो गया और जाते-जाते धमकी दी कि अगर, किसी को कुछ बताया तो उन्हें जान से मार देगा.
किसी तरह घर पहुंचे बच्चे, पिता को सुनाई आपबीती
किसी तरह बंधन से मुक्त होने के बाद दोनों भाई-बहन रोते हुए अपने घर पहुंचे, बाद में पिता के काम से लौटने पर उन्हें घटना की जानकारी दी. बच्चों के शरीर पर चोट के निशान और उनकी हालत देखकर पिता दंग रह गया और वह बच्चों को लेकर तुरंत थाने पहुंचा. उनकी शिकायत पर केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की.
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
इंस्पेक्टर दीनानाथ मिश्रा ने बताया कि पीड़ित बच्ची के पिता की तहरीर पर आरोपी दीपक के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने त्वरित छापेमारी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पीड़ित बच्ची का मेडिकल परीक्षण कराया गया है, उसे उचित उपचार व परामर्श दिया जा रहा है.














