हाथ में लाठी, आधी झुकी कमर और 70 की उम्र में बुजुर्ग की गुहार- 'मैं मुर्दा नहीं, जिंदा हूं..' ये सुन DM भी बिफरीं

Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शनिवार को तहसील खागा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उस समय भावुक माहौल बन गया, जब डंडे के सहारे पहुंचे एक 70 वर्षीय वृद्ध ने जिलाधिकारी के सामने खड़े होकर कहा- 'साहब, मैं जिंदा हूं...' वृद्ध की फरियाद सुनकर वहां मौजूद अधिकारी भी हैरान रह गए.

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Uttar Pradesh News: उम्र पूरी हो जाए और कोई दुनिया को छोड़कर हमेशा के लिए अलविदा हो जाए तो कोई शिकायत नहीं रहती, लेकिन जब हमारा सिस्टम किसी व्यक्ति को जिंदा रहते हुए मार डाले तो शिकायत करना लाजमी है... ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से सामने आया है. यहां डंडे के सहारे चलने वाले एक 70 वर्षीय बुजुर्ग पिछले कई दिनों से आवेदन लेकर सरकारी दफ्तर का चक्कर काट रहा है. 

कर्मचारियों ने जिंदा व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया

यह मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले का है. यहां शनिवार को तहसील खागा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग पहुंचे और DM के सामने खड़े होकर कहा- 'मैं मुर्दा नहीं, जिंदा हूं..' जिसे सुनकर डीएम भी विफर पड़ी और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई. बुजुर्ग भूरा खागा तहसील क्षेत्र के वालीपुर एकडला गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने ने जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि लेखपाल और तहसील के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से उसे सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया गया. इतना ही नहीं, उसकी करीब एक बीघा दो बिस्वा जमीन दूसरे व्यक्ति के नाम वरासत भी कर दी गई.

DM से सुनाई अपनी पीड़ा

वृद्ध भूरा ने बताया कि जब उसे इस फर्जीवाड़े की जानकारी हुई तो वह न्याय के लिए अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काटने को मजबूर हो गया. कई दिनों तक भटकने के बाद खागा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उसने जिलाधिकारी के सामने अपनी पीड़ा सुनाई और खुद को जीवित होने का प्रमाण दिया.

डीएम ने कर्मचारियों को लगाई फटकार

वृद्ध की बात सुनकर जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स भी अचंभित रह गईं. उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराने के निर्देश दिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया. साथ ही वृद्ध को हरसंभव न्याय दिलाने की बात कही. इस घटना ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ग्रामीणों में भी इस मामले को लेकर नाराजगी देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मामले का खुलासा न होता तो वृद्ध अपनी ही जमीन से हमेशा के लिए बेदखल हो सकता था.

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