- नोएडा सेक्टर 150 के पानी से भरे गड्ढे में गिरकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत हो गई थी.
- सत्र न्यायालय ने बिल्डर निर्मल सिंह को आरोपों में अग्रिम जमानत देते हुए ठोस साक्ष्य ना मिलने का हवाला दिया.
- न्यायालय ने आरोपी को बिना अनुमति देश छोड़ने से रोकते हुए जांच में सहयोग का निर्देश दिया है.
उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-150 स्थित टी प्वाइंट के पास पानी से भरे गड्ढे में कार सहित गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में सत्र अदालत ने बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत दे दी है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश अतुल श्रीवास्तव की अदालत ने विस्तृत सुनवाई के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया आरोपी की प्रत्यक्ष या सचेत भूमिका स्थापित करने वाला ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं है. उसकी कस्टोडियल पूछताछ आवश्यक प्रतीत नहीं होती. हालांकि, अदालत ने कहा कि वह बिना न्यायालय की अनुमति के देश नहीं छोड़ेंगे और जांच में सहयोग करेंगे.
16 और 17 जनवरी 2026 की रात पेशे से एक इंजीनियर युवराज मेहता अपने गुरुग्राम दफ्तर से वापस घर लौट रहा था. उस दिन ठंड और कोहरा बहुत तेज था. वहीं रास्ते पर बिल्कुल घना अंधेरा. जिसकी वजह से उसकी कार दीवार तोड़कर पानी के गड्ढे में जा गिरी. कई घंटे तक वह पानी में फंसा मदद की गुहार लगाता रहा. लेकिन समय रहते उसे रेस्क्यू नहीं किया गया. जिसकी वजह से उसकी मौत हो गई थी.
आरोप है कि बिल्डर और उसके सहयोगियों द्वारा निर्माण स्थल पर गंभीर लापरवाही बरती गई थी. प्लॉट में भारी मात्रा में पानी भरा हुआ था, जिसमें डूबने से युवराज की मौत हो गई थी. इस मामले में थाना नॉलेज पार्क में केस दर्ज किया गया था.
बता दें कि ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 में युवराज मेहता की कार पानी में गिरने की घटना को एसआईटी की टीम ने रीक्रिएट भी किया था. इस मामले पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी का गठन किया था.
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