UP News in Hindi: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में श्मशान घाट में जलती लाशों के बीच जन्मदिन मनाया गया. श्मशान घाट में काम करने वाले कर्मियों के साथ जनपद के रहने वाले समाजसेवी अशोक तपस्वी ने अपना 64वां जन्मदिन मनाकर एक नई पहल की है. उन्होंने अब तक लगभग 250 अज्ञात लोगों के शव का अंतिम संस्कार कर लगभग 3500 लोगों की जान बचाई है. जहां काम करने वाले कर्मियों के साथ शमशान घाट में केक काटकर अपना जन्मदिन मनाते हुए कर्मियों को अंगवस्त्र भेट कर खुशियां मनाई.
समाजसेवी अशोक तपस्वी ने बताया कि वह लोगों की जान बचाने का काम लगभग 12 वर्षों से कर रहे हैं. साथ ही लावारिश लाशों को मुख्य अग्नि देकर उनका अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं. समाजसेवी अशोक तपस्वी की मानें तो वह महाराष्ट में जन्मे और 1985 को जनपद में आकर अपना उद्योग फैलाया. जहां करोड़ों अरबों का व्यापार जनपद से लगाकर पुणे में फैला रखा है. सड़क दुर्घटना में घायलों को देख उन्होंने जहां लोगों को बचाने का संकल्प लिया.
सामने जल रहे शव.
खुद की एंबुलेंस लोगों को पहुंचाते अस्पताल
वह अपनी एक स्वयं की एंबुलेंस से लोगों को बचाने के साथ-साथ लावारिश लाशों को मुख्य अग्नि देकर उनकी आत्मा को मुक्ति प्रदान करते हैं. अशोक तपस्वी की इस पहल को देखकर जहां लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जो इंसान चकाचौंध के बीच फंसकर इंसानियत भूल जाता है, लेकिन एक ऐसा समाजसेवी जो इंसानियत के साथ-साथ लोगों की भावनाओं की कद्र कर समाज को नई दिशा देने का काम किया.
3500 घायलों को पहुंचाया अस्पताल
अशोक तपस्वी ने बताया कि वह महाराष्ट के रहने वाले हैं. वह 1985 में जनपद में आए. लावारिश लाश और घायलों को हॉस्पिटल पहुंचने के लिए उन्होंने कार्य किया. अब तक उन्होंने 250 अज्ञात शव को मुख्य अग्नि देकर मुक्ति दिलाई है. लगभग 3500 घायलों को अस्पताल पहुंचाकर जान बचाई.
श्मशान घाट सफाई कर्मी अखिलेश ने बताया कि वह काफी खुश हैं. समाजसेवी अशोक तपस्वी ने उनके बीच पहुंचकर अपना जन्मदिन मनाते हुए केक काटकर उन्हें अंगवस्त्र पहनाया, जबकि वह लोगों का काम है, इन शव को अग्नि दिलाने के बाद उन्हें जलाना और साफ सफाई रखना.














