यूपी में 70 लाख स्मार्ट बिजली मीटर क्या वापस होंगे? खट्टर के बयान से उठी मांग

Smart Electricity Meter Row: यूपी में उपभोक्ताओं के घरों में बिना उनकी जानकारी या सहमति के जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर विद्युत उपभोक्ता परिषद ने बिजली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

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बिजली स्मार्ट मीटर
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Smart Electricity Meter Row: केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लोकसभा में साफ किया था कि स्मार्ट मीटर प्रीपेड मोड में लगेंगे या पोस्टपेड, यह पूरी तरह उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि यूपी में लगभग 70 लाख उपभोक्ताओं के घरों में बिना उनकी जानकारी या सहमति के जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगा दिए गए, जो कि राष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन है. परिषद ने मांग की है कि राज्य सरकार और पावर कॉर्पोरेशन उन सभी उपभोक्ताओं से दोबारा सहमति लें और जो उपभोक्ता प्रीपेड मोड नहीं चाहते, उनके मीटर तत्काल पोस्टपेड में बदले जाएं. उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे नए मीटर लगवाते समय लिखित में अपनी पसंद (प्रीपेड या पोस्टपेड) दर्ज कराएं, ताकि विभाग उन पर जबरन कोई सुविधा न थोप सके.

परिषद अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि इस संबंध में वह 6 अप्रैल को केस्को कानपुर में बिजली दर की सुनवाई के दौरान विद्युत नियामक आयोग को प्रस्ताव भी सौंपेंगे. वर्मा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री के स्पष्टीकरण के बाद साफ है कि प्रीपेड मोड में स्मार्ट मीटर लगाने के लिए उपभोक्ताओं की सहमति जरूरी है, लेकिन राज्य में बिजली कंपनियां विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) का उल्लंघन कर उपभोक्ताओं को विकल्प देने के बजाय उनकी सहमति के बिना ही प्रीपेड मोड में स्मार्ट मीटर लगा रही हैं.

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने क्या कहा?

ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने स्पष्ट किया कि विद्युत (उपभोक्ता अधिकार) नियम 2020 के तहत उपभोक्ताओं की सहमति के बिना प्रीपेड मीटर नहीं लगाए जा सकते. विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम 2020 के तहत नए कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ दिए जाने का प्रावधान है. हालांकि अपवाद की स्थिति में राज्य विद्युत नियामक आयोग की अनुमति आवश्यक होती है. सरकार की नीति उपभोक्ताओं को प्रीपेड स्मार्ट मीटर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की है, न कि इसे जबरन लागू करने की.

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यूपी राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की क्या है मांग

यूपी राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने दावा किया है कि यूपी में 70 लाख से ज्यादा मीटर जबरन प्रीपेड मोड में बदले गए हैं. उपभोक्ता परिषद ने पावर कॉरपोरेशन से मांग की है कि जिनकी सहमति नहीं है, उनके स्मार्ट मीटर को वापस पोस्टपेड मोड में किया जाए. परिषद अध्यक्ष ने कहा कि आयोग अब विद्युत अधिनियम की धारा 142 के तहत बिजली कंपनियों पर दंडात्मक कार्रवाई करे. अब पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन उपभोक्ताओं से मांफी मागने के साथ अपने उस निर्णय को भी वापस ले, जिसमें नया कनेक्शन केवल प्रीपेड मोड में ही देने की बात कही गई थी.

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