हुनर है तो ट्रेन‍िंग के साथ म‍िलेंगे 200 रुपये, आज ही इस योजना का उठा लें लाभ, यह है डबल फायदे का सौदा

उत्तर प्रदेश सरकार की ODOP प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना के तहत स्थानीय उत्पादों से जुड़े कारीगरों और उद्यमियों को 10 दिन का मुफ्त प्रशिक्षण दिया जाता है. प्रशिक्षण के दौरान 200 रुपये प्रतिदिन मानदेय भी मिलता है.

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कारीगरों और उद्यमियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
आधिकारिक वेबसाइट

अगर आपके अंदर किसी प्रकार का हुनर है या फिर अपने हुनर को नई पहचान देना चाहते हैं, तो उत्तर प्रदेश सरकार की ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. इस योजना का उद्देश्य स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, कारीगरों के कौशल विकास और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. साथ ही लाभार्थियों को मुफ्त प्रशिक्षण के साथ आधुनिक टूलकिट भी उपलब्ध कराई जा रही है. योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट msme.up.gov.in पर संपर्क किया जा सकता है.

क्या है ODOP प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना?

उत्तर प्रदेश सरकार के उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय द्वारा संचालित यह योजना राज्य के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है. इसके जरिए कारीगरों और उद्यमियों को नई तकनीक, बेहतर उत्पादन प्रक्रिया और बाजार की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाता है.

योजना का उद्देश्य क्या है?

जानकारी के अनुसार, इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाना है. इसके अलावा कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और छोटे उद्योगों को मजबूत करना भी इसका लक्ष्य है.

योजना के तहत क्या-क्या लाभ मिलते हैं?

  1. चयनित लाभार्थियों को 10 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाता है.
  2. प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क होता है.
  3. यह गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम है.
  4. प्रशिक्षण अवधि के दौरान 200 रुपये प्रतिदिन मानदेय दिया जाता है.
  5. प्रशिक्षण पूरा होने के बाद आधुनिक टूलकिट उपलब्ध कराई जाती है.
  6. नई तकनीकों और बेहतर उत्पादन के तरीकों की जानकारी दी जाती है.
     
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कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं.

  1. आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए.
  2. वह अपने जिले के ODOP उत्पाद के निर्माण कार्य से जुड़ा हो.
  3. आवेदक ने केंद्र या राज्य सरकार की किसी समान योजना का लाभ पहले न लिया हो.

किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा?

यह योजना खासतौर पर बुनकरों, कारीगरों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों, छोटे उद्यमियों और पारंपरिक उत्पाद बनाने वाले लोगों के लिए लाभदायक है. इससे वे अपने व्यवसाय को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ा सकते हैं और आय में वृद्धि कर सकते हैं.

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