Lok Adalat: अगर आपके ऊपर ट्रैफिक का ई-चालान पेंडिंग है या कोई छोटा कानूनी मामला लंबे समय से अटका हुआ है, तो ये खबर आप ही के लिए है. बता दें कि 9 मई 2026 को नोएडा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है. यहां आप अपने पुराने ट्रैफिक चालान को आसानी से निपटा सकते हैं. आइए जानते हैं ये लोक अदालत किस समय और कहां लगेगी, साथ ही जानेंगे कि इसमें किन-किन मामलों का समाधान हो सकेगा.
कहां और कितने बजे लगेगी लोक अदालत?
नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने अपने ऑफिशियल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया है कि यह लोक अदालत सुबह 10:00 बजे से जिला न्यायालय, सूरजपुर (गौतम बुद्ध नगर) में आयोजित होगी. अगर आपके ऊपर ई-चालान या मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कोई चालान लंबित है, तो आप इस लोक अदालत में जाकर उसे निपटा सकते हैं. बस ध्यान रखें कि यहां केवल उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जारी चालान ही स्वीकार किए जाएंगे. अगर आपका चालान दिल्ली या किसी अन्य राज्य का है, तो आपको उस राज्य की लोक अदालत में जाना होगा. किसी भी जानकारी या मदद के लिए आप ट्रैफिक हेल्पलाइन नंबर 9971009001 पर संपर्क कर सकते हैं.
किन-किन मामलों का होगा निपटारा?
लोक अदालत में सिर्फ ट्रैफिक चालान ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रकार के मामलों को भी सुलझाया जाएगा. जैसे-
- मोटर एक्सीडेंट क्लेम से जुड़े मामले
- वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर)
- सिविल केस
- बैंक लोन से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामले
- चेक बाउंस (धारा 138) के मामले
- बिजली और BSNL बिल से जुड़े विवाद
- सर्विस और पेंशन से जुड़े मामले
- लेबर (श्रम) विवाद
- राजस्व से जुड़े केस
- कंपाउंडेबल आपराधिक मामले
इन सभी मामलों को आपसी समझौते और सहमति से जल्दी सुलझाया जाएगा.
लोक अदालत की खास बातेंलोक अदालत में मामलों का निपटारा जल्दी और बिना ज्यादा कानूनी प्रक्रिया के होता है. यहां कोई लंबी सुनवाई नहीं होती, बल्कि दोनों पक्ष आपस में बात करके समाधान निकालते हैं. इससे कोर्ट का बोझ भी कम होता है और लोगों को तुरंत राहत मिलती है.
अगर आप अपने केस को लोक अदालत में सुलझाना चाहते हैं, तो आप जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गौतम बुद्ध नगर से संपर्क कर सकते हैं.
ईमेल: [dlsa.gbnnoida@gmail.com](mailto:dlsa.gbnnoida@gmail.com)
फोन: 9716535451, 7678643985
नोएडा की यह लोक अदालत उन लोगों के लिए बहुत अच्छा मौका है, जिनके मामले लंबे समय से लंबित हैं. यहां आप आसानी से अपने केस को खत्म कर सकते हैं और कानूनी झंझट से छुटकारा पा सकते हैं.














