सोशल मीडिया पर बच्चों की मुस्कुराती तस्वीरें शेयर करना आजकल आम बात है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी एक पोस्ट बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है. दरअसल असम पुलिस ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर अहम चेतावनी जारी की है. पुलिस ने स्कूलों, माता-पिता और संस्थानों से कहा है कि वो बच्चों की फोटो, नाम, क्लास, लोकेशन और दूसरी निजी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर करते समय बेहद सावधानी बरतें. पुलिस का कहना है कि ऐसी जानकारी साइबर अपराधियों के हाथ लग सकती है और उसका गलत इस्तेमाल हो सकता है. इसी वजह से लोगों को बच्चों से जुड़ी जानकारी इंटरनेट पर डालने से पहले सोच-समझकर फैसला लेने की सलाह दी गई है.
क्यों जारी की गई ये एडवाइजरी
असम पुलिस के मुताबिक इंटरनेट पर मौजूद बच्चों की फोटो और निजी जानकारी गलत लोगों तक पहुंच सकती है. कई साइबर अपराधी सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करते हैं. ऐसे मामलों में बच्चों की पहचान चोरी होने, ऑनलाइन परेशान किए जाने या दूसरी साइबर गतिविधियों का खतरा बढ़ जाता है. पुलिस का कहना है कि आज के समय में ऑनलाइन सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
Posting children's photos online and sharing too much information can increase cyber risks.
Assam Police has issued an advisory highlighting the importance of child cyber safety and encouraging schools, parents & institutions to be mindful about information shared online. pic.twitter.com/yyXYqDulVg
— CyberDost I4C (@Cyberdost) June 6, 2026
किन जानकारियों को शेयर करने से बचें
पुलिस ने साफ कहा है कि बच्चों से जुड़ी ऐसी जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से बचना चाहिए जिससे उनकी पहचान आसानी से हो सके. इसमें बच्चों की फोटो, नाम, क्लास की जानकारी, लोकेशन और रियल टाइम अपडेट शामिल हैं. ये छोटी-छोटी जानकारियां भी साइबर अपराधियों के लिए मददगार साबित हो सकती हैं.
AI तकनीक से भी बढ़ा खतरा
एडवाइजरी में ये भी बताया गया है कि अब AI तकनीक की मदद से तस्वीरों में बदलाव करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है. ऐसे में बच्चों की फोटो का गलत इस्तेमाल होने का खतरा भी बढ़ गया है. यही वजह है कि पुलिस लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दे रही है.
स्कूल और माता-पिता क्या करें
असम पुलिस ने कहा है कि बच्चों से जुड़ा कोई भी कंटेंट ऑनलाइन डालने से पहले उसे ध्यान से जांच लेना चाहिए. स्कूलों और माता-पिता को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी पोस्ट से बच्चे की प्राइवेसी और सुरक्षा पर असर न पड़े. थोड़ी सी सावधानी बच्चों को बड़े साइबर खतरों से बचा सकती है.
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