EPFO Death Claim: परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु होना बेहद दुखद और मुश्किल समय होता है. खासकर तब जब वह व्यक्ति घर का मुख्य कमाने वाला हो. ऐसे समय में परिवार को भावनात्मक के साथ-साथ आर्थिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है. हालांकि, अगर मृतक किसी प्राइवेट कंपनी में काम करता था और उसकी सैलरी से पीएफ कटता था, तो परिवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की ओर से आर्थिक मदद मिल सकती है. इसके तहत पीएफ की जमा राशि, पेंशन और बीमा का लाभ भी मिल सकता है. बस इसके लिए परिवार या नॉमिनी को कुछ जरूरी प्रक्रिया पूरी करनी होती है. आइए जानते हैं इनके बारे में-
यह भी पढ़ें- PM Kisan 22nd Installment Date: पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त पर आया अपडेट, जानें कब आ सकते हैं 2000 रुपये
सबसे पहले बनवाएं मृत्यु प्रमाण पत्र
किसी भी तरह का क्लेम करने के लिए मृत्यु प्रमाण पत्र सबसे जरूरी दस्तावेज होता है. इसलिए सबसे पहले मृतक का डेथ सर्टिफिकेट बनवाना चाहिए. यह दस्तावेज पीएफ क्लेम, बीमा और बैंक से जुड़े लगभग सभी कामों में मांगा जाता है.
पीएफ, पेंशन और बीमा का लाभ- अगर कर्मचारी की सैलरी से पीएफ कटता था, तो उसके खाते में जमा पूरी राशि नॉमिनी को मिल सकती है. इसके अलावा अगर कर्मचारी ने करीब 5 साल या उससे ज्यादा समय तक नौकरी की है, तो उसके पति या पत्नी को पेंशन का लाभ भी मिल सकता है. वहीं, बच्चों को भी एक तय उम्र तक पेंशन दी जा सकती है.
- इसके साथ ही अगर कर्मचारी की मृत्यु नौकरी के दौरान हुई है, तो कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) के तहत परिवार को लगभग 7 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है.
आजकल ईपीएफओ ने क्लेम की प्रक्रिया को काफी आसान बना दिया है. अगर मृतक कर्मचारी का UAN आधार से लिंक है और नॉमिनी का नाम पहले से दर्ज है, तो ऑनलाइन क्लेम किया जा सकता है.
- सबसे पहले EPFO के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर जाएं.
- यहां 'Death Claim Filing by Beneficiary' विकल्प चुनें.
- इसके बाद मृतक कर्मचारी का UAN नंबर, नॉमिनी का नाम, जन्मतिथि और आधार से जुड़ी जानकारी भरनी होती है.
- जानकारी भरने के बाद नॉमिनी के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP आता है. OTP डालने के बाद वेरिफिकेशन पूरा हो जाता है.
- इसके बाद अलग-अलग फॉर्म भरने होते हैं. जैसे पीएफ निकालने के लिए Form 20, पेंशन के लिए Form 10D और बीमा क्लेम के लिए Form 5IF.
- अंत में डेथ सर्टिफिकेट, नॉमिनी का कैंसल्ड चेक और पासपोर्ट साइज फोटो जैसी जरूरी दस्तावेजों की कॉपी अपलोड करनी होती है.
- इसके बाद आधार आधारित e-Sign करके फॉर्म सबमिट कर दिया जाता है.
परिवार को यह ध्यान रखना चाहिए कि मृतक के एटीएम कार्ड से पैसे निकालना गलत हो सकता है. बेहतर है कि बैंक जाकर नॉमिनी के जरिए खाते की राशि ट्रांसफर करवाई जाए. साथ ही यह भी जांच लें कि मृतक के किसी लोन पर बीमा कवर था या नहीं. अगर बीमा है, तो लोन की बाकी रकम बीमा कंपनी चुका सकती है.
इस तरह सही जानकारी और जरूरी दस्तावेजों के साथ क्लेम प्रक्रिया पूरी करने पर परिवार को आर्थिक सहायता मिल सकती है, जो मुश्किल समय में बड़ा सहारा साबित होती है.














