क्रिकेटर Steve Waugh लाए हैं 9 शहरों के जरिये भारत में क्रिकेट के जुनून की दास्तान

डिस्कवरी प्लस ऐप भारतीय क्रिकेट दीवानों के लिए 'कैप्चरिंग क्रिकेट: स्टीव वॉ, इन इंडिया (Capturing Cricket: Steve Waugh in India)' नाम से डॉक्युमेंट्री लेकर आया है.

क्रिकेटर Steve Waugh लाए हैं 9 शहरों के जरिये भारत में क्रिकेट के जुनून की दास्तान

स्टीव वॉ (Steve Waugh) ने क्रिकेट के जुनून पर बनाई है डॉक्युमेंट्री

नई दिल्ली :

डिस्कवरी प्लस ऐप भारतीय क्रिकेट दीवानों के लिए 'कैप्चरिंग क्रिकेट: स्टीव वॉ, इन इंडिया (Capturing Cricket: Steve Waugh in India)' नाम से डॉक्युमेंट्री लेकर आया है. ऑस्टेलियाई क्रिकेट टीम के स्वर्णिम युग के मुख्य भागीदार, स्टीव वॉ (Steve Waugh) ने डाक्युमेंट्री में देश में क्रिकेट के प्रति जूनून और कभी ना खत्म होने वाले प्रेम को अपने नजरिये से पेश किया है. क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने डाक्युमेंट्री नैरेट की है. इस डाक्युमेंट्री का निर्देशन पुरस्कार विजेता डायरेक्टर, नेल मिनचिन ने किया है वहीं मिथिला गुप्ता ने इसे लिखा है, जिसमें भारतीय दिग्गज सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ एवं ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज एडम गिलक्रिस्ट और पूर्व ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट कप्तान और ICC हॉल ऑफ़ फेम लिसा स्टालेकर के इंटरव्यू भी हैं. 


डाक्युमेंट्री की कहानी स्टीव वॉ (Steve Waugh) के 1986 में भारत के पहले दौरे के बाद जन्मे फोटोग्राफी के जुनून और भारत के क्रिकेट कल्चर के प्रति मनमोहकता के इर्द-गिर्द घूमती है. 30 साल से ज्यादा और 100 क्रिकेट यात्राओं के बाद , वॉ एक नयी चुनौती के लिए वापिस लौटे हैं और क्रिकेट का असली अर्थ खोजने के साथ लोगों को जोड़ने की इसकी अनूठी कला को समझने की कोशिश कर रहे हैं और इसके लिए स्टीव वॉ ने फोटोग्राफर और सलाहकार ट्रेंट पारके और अपने अच्छे दोस्त जेसन ब्रुक्स का साथ लिया और कैमरा हाथ में लेकर भारत की यात्रा के लिए निकल पड़े. भारत के प्रमुख 9 शहरों को इस डाक्युमेंट्री में दर्शाया गया है और देशवासियों का क्रिकेट को धर्म के समान मानने की भावना को समझाया गया है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


स्टीव वॉ (Steve Waugh) ने बताया, 'कैप्चरिंग क्रिकेट मेरे दिल के काफी करीब है क्योंकि यह डॉक्युमेंट्री क्रिकेट और फोटोग्राफी के प्रति मेरे जूनून को दर्शाती है. 1986 में भारत के पहले दौरे के बाद से मैं यह हमेशा जानने के लिए उत्सुक था कि यहां के निवासी क्यों क्रिकेट को त्यौहार का रूप मानते हैं? हाल ही में ताजमहल, चिन्नास्वामी स्टेडियम, महाराजा लक्ष्मी विलास पैलेस, एचपीसीए स्टेडियम, ओवल मैदान, दिल्ली और कोलकाता के आसपास के स्थानों की मेरी यात्राओं ने मुझे जिन्दगी भर के किस्से-कहानियां और न भूलने वाली यादें दी हैं. मैं पूरी तरह निश्चिन्त हूं कि भारत में जब क्रिकेट फैंस इस डॉक्यूमेंट्री को देखेंगे तो वो इस यात्रा को अच्छे से महसूस कर पाएंगें.'