हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों का इन दिनों रौद्र रूप देखने को मिल रहा है. जहां उफनती नदियों और लगातार बारिश के कारण भारी तबाही देखने को मिली है. हालात यह है कि आम आदमी ही नहीं सैलानी भी इस आपदा में फंसते हुए दिख रहे हैं. इसी बीच हिमाचल प्रदेश में शूटिंग के लिए पहुंचे एक्टर रुसलान मुमताज बारिश में फंस गए हैं, जिस पर उन्होंने बात की है. इसके अलावा एक वीडियो में वह नदियों का डरावना मंजर भी दिखाते नजर आ रहे हैं.
हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर झेल रहे रुसलान मुमताज ने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष को बयां किया, जो कि अभी भी मनाली के पास एक गांव में फंसे हुए हैं. एक्टर ने कहा, “मैंने कुछ ही घंटों में मौसम को बदलते देखा. यह अविश्वसनीय था. मैं वहां एक प्रोजेक्ट की शूटिंग कर रहा था. मैं उसी सड़क पर घूमने गया था, जिसे मैंने धीरे-धीरे नदी में बहते देखा. शूटिंग होटल में चल रही थी, और चूंकि मैं उस दिन खाली था तो मैंने देखा कि नदी के किनारे सड़क के कुछ हिस्से गायब हो गए. किसी को भी इस बात से कोई परेशानी नहीं थी कि सड़क कहां जा रही है, और मैं सोच रहा था कि क्या यह नॉर्मल है. मैंने देखा कि बड़े-बड़े पेड़ नदी में बह गए.”
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एक्टर आगे कहते हैं, “जब तक मालिक नहीं आया और हमें जाने के लिए नहीं कहा तब तक किसी को एहसास नहीं हुआ. मैंने दो घंटे में अपना बैग पैक किया और केवल पैसे जैसी जरूरी चीजें ही लीं. हम अब सेफ हैं. मनाली से चंडीगढ़ तक संपर्क मार्ग खत्म हो गया है, जिसे अपनी आंखों से देखा. अब इसका नामो निशान नहीं है. मुझे नहीं पता कि सरकार को इसे बनाने में कितने दिन लगेंगे. हर कोई यह सोचने लगा है कि बाहर कैसे निकला जाए. अगर हमें फ्लाइट लेनी है तो हमारे पास कुल्लू हवाई अड्डा है, लेकिन हमें नहीं पता कि वहां तक जाने के लिए सड़कें अब मौजूद भी हैं या नहीं. फिलहाल फ्लाइट ही सबसे अच्छा ऑप्शन है, फिर भी हम कम से कम अगले तीन दिनों तक यहीं फंसे रहेंगे. सड़क भी कोई विकल्प नहीं है, अगर हम सड़क मार्ग से जाने का फैसला करते हैं तो हम कम से कम 15 दिनों के लिए यहां फंस जाएंगे. ”
आपदा को लेकर रुसलान ने कहा, “यह एक प्राकृतिक आपदा थी, जिसे मैंने अनुभव किया, और यह कुछ ऐसा था जिसे हम टीवी पर देखते हैं और कभी नहीं सोचते कि किसी दिन हम उस स्थिति में फंस जाएंगे. यह एक आंखें खोलने वाला अनुभव रहा है जहां मैं आभारी और भाग्यशाली महसूस करता हूं. इस सबसे खराब स्थिति में भी, जिस तरह से रिसॉर्ट मालिक ने आगे बढ़कर हमारी मदद की. मुझे राहत मिली और वह हमारे लिए रियल लाइफ का हीरो था. मुझे कभी भी अपनी जान का डर नहीं हुआ. मुझे पता था कि मैं कंफर्टेबल स्थिति में नहीं रहूंगा, लेकिन मेरे पास खाना और रहने की जगह है. यही मायने रखता है, आज, मुझे एहसास हुआ कि परिणाम देखने में हम कितने खतरे में थे. अगर दो घंटे और बारिश होती, तो संपत्ति पानी में डूब जाती, और मैं कल्पना नहीं कर सकता कि क्या होता अगर मालिक ने हमारी झिझक के बावजूद हमें वहां से हटने के लिए नहीं कहा होता.''
बता दें, हिमाचल प्रदेश में नदियों के बढ़े जलस्तर और लगातार हो रही बारिश की वजह से बीते कुछ दिनों में ही 31 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सोमवार तक मौत का यह आंकड़ा 18 था.
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