टीवी के चर्चित पौराणिक शो ‘रामायण' में लक्ष्मण का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाले सुनील लहरी सोशल मीडिया पर अक्सर समाज से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं. इस बार उन्होंने बच्चों की पढ़ाई और स्कूल के प्रति घटती रुचि पर चिंता जताई है. सुनील लहरी का कहना है कि गर्मियों की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने के बावजूद ज्यादातर बच्चों में उत्साह नजर नहीं आ रहा. उनके मुताबिक इसकी बड़ी वजह यह है कि पढ़ाई को बच्चों के लिए रोचक बनाने के बजाय उसे बोझ और डर की तरह पेश किया गया है, जिससे बच्चे स्कूल जाने से कतराने लगे हैं.
पढ़ाई को एंटरटेनमेंट की तरह पेश करने की सलाह
अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा किए गए वीडियो में सुनील लहरी ने कहा कि बच्चों के अंदर स्कूल और पढ़ाई को लेकर उत्साह पैदा करना बेहद जरूरी है. उनका मानना है कि जिस तरह बच्चे खेल, टीवी या अन्य मनोरंजन गतिविधियों में दिलचस्पी लेते हैं, उसी तरह पढ़ाई को भी रोचक और मजेदार बनाया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा को केवल दबाव और जिम्मेदारी के रूप में देखा जाएगा, तब तक बच्चे उससे दूरी बनाते रहेंगे. अगर पढ़ाई को आसान और दिलचस्प तरीके से पेश किया जाए तो बच्चे खुद उसमें रुचि लेने लगेंगे और बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे.
-
NDTV WORLD SUMMIT 2026 : कृति सेनन को बिकिनी सीन करने में क्यों लगे 12 साल? -
ब्रिटेन के हरियाणवी मेयर तुषार कुमार ने बताया कैसे गरीबों की मदद ने जिताया चुनाव -
टैक्स सिर्फ कमाई पर लगे, पूरी रकम पर नहीं..."F&O ट्रेडर्स के नुकसान पर बोले Zerodha को-फाउंडर निखिल कामत -
जिस शशि थरूर को सुनती है पूरी दुनिया, संसद में वह किसे सुनना पसंद करते हैं? खुद खोला राज -
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके?
बच्चों और माता-पिता दोनों को दी अहम सीख
सुनील लहरी ने बच्चों को समझाते हुए कहा कि जीवन के शुरुआती 15 से 18 साल शिक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं. यदि इस दौरान मेहनत और लगन से पढ़ाई की जाए तो भविष्य अधिक सुरक्षित और आसान बन सकता है. वहीं उन्होंने माता-पिता को भी सलाह दी कि वे बच्चों पर केवल पढ़ाई का दबाव न बनाएं, बल्कि उन्हें खेल-खेल में सीखने का अवसर दें. उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा देना सिर्फ स्कूल की जिम्मेदारी नहीं बल्कि माता-पिता की भी अहम भूमिका होती है. साथ ही उन्होंने सभी बच्चों को शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि वे इस साल पहले से बेहतर प्रदर्शन करेंगे.
यह भी पढ़ें: 42 टेंपरेचर में की शूटिंग, बस में रोज चलता था गायत्री मंत्र, अखिलेंद्र मिश्रा ने बताया कैसे शूट हुई थी लगान
गौरतलब है कि कुछ समय पहले भी सुनील लहरी ने माता-पिता से अपील की थी कि वे छुट्टियों में बच्चों को गांव लेकर जाएं ताकि वे अपनी संस्कृति, परंपराओं और जड़ों को करीब से समझ सकें.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं