विज्ञापन

भारत का पहला डेली सोप, दूरदर्शन पर हुआ था प्रसारित, 156 एपिसोड और हर एपिसोड के अंत में आते थे अशोक कुमार, बताते थे कौन सही कौन गलत

दूरदर्शन का पहला हिंदी टीवी सीरियल ‘हम लोग’ 156 एपिसोड तक चला और हर कड़ी के अंत में अशोक कुमार दर्शकों को कहानी से जुड़ा संदेश देकर सही-गलत का फर्क समझाते थे.

भारत का पहला डेली सोप, दूरदर्शन पर हुआ था प्रसारित, 156 एपिसोड और हर एपिसोड के अंत में आते थे अशोक कुमार, बताते थे कौन सही कौन गलत
भारत का पहला टीवी सीरियल था हम लोग

आज के दौर में टीवी पर सैकड़ों धारावाहिक और वेब सीरीज मौजूद हैं, लेकिन भारतीय टेलीविजन के इतिहास में एक ऐसा शो भी रहा जिसने इस सफर की मजबूत नींव रखी. यह था दूरदर्शन का चर्चित धारावाहिक ‘हम लोग', जिसे भारत का पहला हिंदी टीवी सोप ओपेरा माना जाता है. साल 1984 में शुरू हुए इस सीरियल ने न सिर्फ दर्शकों को परिवार और समाज से जुड़े मुद्दों से जोड़ा, बल्कि टीवी देखने का अंदाज भी बदल दिया. इसकी सबसे खास बात यह थी कि हर एपिसोड के अंत में दिग्गज अभिनेता अशोक कुमार पर्दे पर आते थे और कहानी में हुए घटनाक्रम पर अपनी राय रखते हुए दर्शकों को सही और गलत का फर्क समझाते थे.

156 एपिसोड तक चला, आम परिवार की कहानी ने जीता दिल

‘हम लोग' का पहला प्रसारण 7 जुलाई 1984 को दूरदर्शन पर हुआ था. इस धारावाहिक को प्रसिद्ध लेखक मनोहर श्याम जोशी ने लिखा था, जबकि इसका निर्देशन पी. कुमार वासुदेव ने किया था. कुल 156 एपिसोड वाले इस शो की कहानी एक मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार के इर्द-गिर्द घूमती थी. बेरोजगारी, महंगाई, दहेज, महिलाओं की शिक्षा, पारिवारिक जिम्मेदारियां और सामाजिक बदलाव जैसे मुद्दों को बेहद वास्तविक अंदाज में पेश किया गया. उस समय दर्शकों ने पहली बार टीवी पर अपनी ही जिंदगी से मिलती-जुलती कहानी देखी, जिसकी वजह से यह शो घर-घर में लोकप्रिय हो गया. इसकी सफलता ने भारतीय टेलीविजन पर धारावाहिकों के नए दौर की शुरुआत की और बाद में ‘बुनियाद', ‘रामायण' और ‘महाभारत' जैसे बड़े शो भी दर्शकों तक पहुंचे.

अशोक कुमार का अनोखा अंदाज बना शो की पहचान

‘हम लोग' की सबसे बड़ी खासियत इसकी कहानी के साथ-साथ उसका अनोखा प्रस्तुतीकरण भी था. हर एपिसोड समाप्त होने के बाद हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अशोक कुमार दर्शकों के सामने आते थे. वह एपिसोड में दिखाए गए किरदारों के फैसलों और घटनाओं पर चर्चा करते, उनसे जुड़ी सीख बताते और दर्शकों को सोचने के लिए प्रेरित करते थे.

यह भी पढ़ें: भोजपुरी नौटंकी से निकला वो गाना, 31 साल पहले हुआ था रिलीज, करिश्मा-गोविंदा की थी जोड़ी, समीर ने लिखा, कुमार सानू ने बनाया सुपरहिट

उस दौर में यह प्रयोग बिल्कुल नया था और लोगों ने इसे खूब पसंद किया. शो की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कलाकारों और दूरदर्शन को हजारों चिट्ठियां मिलने लगी थीं. कई दर्शक तो किरदारों को वास्तविक मानकर उन्हें सलाह और मदद के पत्र भी भेजते थे. ‘हम लोग' को भारत का पहला हिंदी टीवी धारावाहिक भी माना जाता है और आज भी इसे भारतीय टेलीविजन के इतिहास का मील का पत्थर समझा जाता है.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Ashok Kumar, Doordarshan, TV
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com