OpenAI ने अपने चैटबॉट ChatGPT में एक नया फीचर जोड़ने का प्रस्ताव रखा है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर काफी बहस छिड़ गई है. क्योंकि इस फीचर का नाम है 'Adult Mode.' इस फीचर के जरिए उम्र में बड़े यूज़र्स को चैटबॉट के साथ एडल्ट टेक्स्ट-बेस्ड बातचीत करने की अनुमति दी जा सकती है.
OpenAI कंपनी में इस फीचर पर कई महीनों से चर्चा चल रही थी और कंपनी एक्सपर्ट ने इसके संभावित खतरों को लेकर चेतावनी भी दी है. उनका मानना है कि अगर ऐसा फीचर शुरू किया जाता है तो इससे यूज़र्स की मेंटल और इमोशनल हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है, खासकर यंग या टीनेज जनरेशन पर.
एक रिपोर्ट्स के मुताबिक जनवरी 2026 में हुई एक मीटिंग के दौरान OpenAI के कुछ सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर गंभीर आपत्ति जताई थी. इस सदस्य में मनोविज्ञान और न्यूरोसाइंस के विशेषज्ञ शामिल हैं, जो AI सिस्टम के सामाजिक प्रभावों पर कंपनी को सलाह देते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर चैटबॉट के साथ ऐसी अडल्ट बातचीत की जाती है तो कुछ लोग उस पर जरूरत से ज्यादा निर्भर हो सकते हैं. इससे उनकी रियल लाइफ के रिश्तों और मेंटल हेल्थ पर बुरा असर पड़ेगा.
वहीं, OpenAI इस समस्या से निपटने के लिए एक खास उम्र पहचानने वाले सिस्टम पर काम कर रहा है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नाबालिग यूज़र्स एडल्ट बातचीत तक न पहुंच सकें. हालांकि यह सिस्टम लगभग 12 प्रतिशत मामलों में नाबालिगों को गलती से वयस्क मान लेता है. चूंकि हर हफ्ते लाखों नाबालिग यूज़र्स ChatGPT का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए इतनी छोटी-सी गलती भी बड़ी संख्या में युवाओं को अडल्ट मोड तक पहुंचा सकती है.
कंपनी इस फीचर के साथ कुछ सख्त सीमाएं भी रखना चाहती है. प्रस्ताव के अनुसार Adult Mode में सिर्फ टेक्स्ट-आधारित बातचीत की अनुमति होगी, जबकि गैरकानूनी विषयों को पूरी तरह प्रतिबंधित रखा जाएगा. जैसे नाबालिगों से जुड़ी बातचीत या जबरदस्ती से संबंधित किसी भी प्रकार का कंटेंट पूरी तरह ब्लॉक रहेगा. इसके अलावा एडल्ट इमेज, वीडियो या वॉइस जनरेशन को भी अनुमति नहीं दी जाएगी.
OpenAI ने पहले इस Adult Mode फीचर को 2026 की शुरुआत में लॉन्च करने की योजना बनाई थी, लेकिन अब इसे कुछ समय के लिए टाल दिया गया है. कंपनी का कहना है कि इस देरी का कारण तकनीकी चुनौतियां और सुरक्षा से जुड़े सवाल हैं.














