IPS अभिजीत पाटील: लॉरेंस बिश्नोई गैंग की कमर तोड़ी, 22 साल की उम्र में क्रैक की UPSC

IPS अधिकारी अभिजीत पाटिल ने अपनी पहली ही पोस्टिंग में चूरू के राजगढ़ में लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग के नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है. जानिए 22 साल की उम्र में बिना कोचिंग UPSC क्रैक करने वाले इस जांबाज पुलिस अफसर की पूरी सक्सेस स्टोरी.

विज्ञापन
Read Time: 6 mins
ips abhijeet patil rajgarh churu lawrence bishnoi gang upsc success story
abhijeet patil
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • राजस्थान के चूरू जिले में IPS अभिजीत पाटिल ने गैंगस्टर नेटवर्क को ध्वस्त कर राजगढ़ को अपराध मुक्त बनाया
  • लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा गैंग के बीच राजगढ़ में पिछले दस महीनों से कोई गोलीबारी या हत्या नहीं हुई है
  • अभिजीत पाटिल की टीम ने अवैध हथियार जब्त कर अपराधियों के वित्तीय नेटवर्क को तोड़ने के लिए प्रभावी कार्रवाई की

IPS Abhijeet Patil: राजस्थान कैडर के भारतीय पुलिस सेवा के 2023 बैच के अधिकारी अभिजीत पाटील ने कमाल कर दिखाया है. उन्होंने राजस्थान के चूरू जिले में गैंगस्टरों की कमर तोड़ डाली है. लॉरेंस बिश्नोई जैसी खतरनाक गैंग इनके निशाने पर है. इन्होंने हरियाणा बॉर्डर पर गैंगस्टरों के नेटवर्क को ध्वस्त कर डाला और उनके समर्थकों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. यह सब उन्होंने राजस्थान के चूरू जिले में अपनी पहली ही पोस्टिंग में कर दिखाया है.

एनडीटीवी से बातचीत में IPS अभिजीत पाटील ने चूरू एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स चीफ बनने से लेकर अब तक की कार्रवाई, राजगढ़ को अपराध मुक्त बनाने, महाराष्ट्र के ठाणे के एक साधारण परिवार में जन्म और महज 22 साल की उम्र में बिना कोचिंग के यूपीएससी क्रैक करके भारतीय पुलिस सेवा के सबसे युवा IPS अधिकारियों में से एक बनने की पूरी कहानी बयां की है.  

यह भी पढ़ें- बच्चा सा दिखने वाला यह IPS कौन है? वर्दी में देख लोगों को नहीं होता भरोसा, बिना कोचिंग ऐसे पास की UPSC

IPS अभिजीत पाटील: बिना कोचिंग 22 साल की उम्र में बना IPS, पहली ही पोस्टिंग में हिला दिया लॉरेंस बिश्नोई गैंग का साम्राज्य! Photo Credit: abhijeet patil

Advertisement
IPS अभिजीत पाटील वर्तमान में चूरू जिले के राजगढ़ सर्किल में सहायक पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर तैनात हैं. 24 अगस्त 2025 से उनके पास AGTF चीफ की भी जिम्मेदारी है. SVPNPA में ट्रेनिंग के बाद यह उनकी पहली फील्ड पोस्टिंग है.

पाटील कहते हैं कि, "मैं खुद को भाग्यशाली समझता हूँ कि मुझे राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर 'गैंगस्टरों के गढ़' राजगढ़ में काम करने का मौका मिल रहा है. मेरे पुलिसिंग करियर के शुरुआती दिनों में ही मुझे बहुत कुछ सीखने और समझने को मिल रहा है."

चूरू में नेहरा और गोदारा गैंग 

IPS अभिजीत पाटील ने बताया कि लॉरेंस बिश्नोई का राइट हैंड समझा जाने वाला संपत नेहरा राजगढ़ के ही कलोरी गांव का रहने वाला है. ऐसे में राजगढ़ सर्किल में लॉरेंस बिश्नोई गैंग और सुजानगढ़, सरदारशहर, रतनगढ़ तथा चूरू में रोहित गोदारा गैंग का दबदबा है. ये दोनों गैंग एक-दूसरे की जानी-दुश्मन हैं. पहले इनके बीच फायरिंग और मर्डर होना सामान्य सी बात हुआ करती थी, लेकिन अब बीते 10 महीनों से यहां कोई गोलीबारी नहीं हुई है. 'प्रो-एक्टिव पुलिसिंग' के दम पर पुलिस ने यहां किसी का कत्ल नहीं होने दिया.

Advertisement

वैसे भी चूरू का राजगढ़ वह इलाका है, जहां साल 2002 में सुमेर फगेड़िया और साल 2017 में अजय जैतपुर जैसे लोगों की हत्या कोर्ट परिसर में कर दी गई थी. ये हत्याकांड गैंगवार का ही नतीजा थे. जब अभिजीत पाटील को राजगढ़ भेजा गया, तो उन्हें 'गैंगस्टर कंट्रोल' और 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप' का टारगेट दिया गया था, जिसके नतीजे बेहतरीन आए हैं. 

यह भी पढ़ें- IPS अंशिका वर्मा का ससुराल 'अफसरों की खान', पत‍ि केके ब‍िश्‍नोई आईपीएस, जेठ व चार ननद भी अफसर

IPS अभिजीत पाटील:  20 साल से जहां कोर्ट में भी हो जाते थे मर्डर, वहां इस युवा IPS ने 10 महीने से चलने  नहीं दी एक भी गोली

IPS अभिजीत पाटील ने राजगढ़ में कैसे तोड़ी गैंगस्टरों की कमर?

चूरू जिले में गैंगस्टर कल्चर को खत्म करने और गैंगस्टरों की कमर तोड़ने के लिए IPS अभिजीत पाटील और उनकी टीम ने बीते 10 महीनों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए:

Advertisement

सोशल मीडिया: सबसे पहले उन सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर रखनी शुरू की, जो गैंगस्टर कल्चर को पसंद और सपोर्ट करते हैं. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई और उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स तक बंद करवाए गए.

अवैध हथियार: राजगढ़ इलाके में अवैध हथियारों का इस्तेमाल और तस्करी खूब होती थी. अभिजीत पाटील की टीम ने 35 से ज्यादा अवैध हथियार सीज (जब्त) किए और अवैध हथियार रखने के आरोप में 82-85 लोगों को गिरफ्तार किया.

Advertisement

फाइनेंस नेटवर्क: गैंगस्टरों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सबसे जरूरी उनके वित्तीय धंधों पर चोट करना था. दिल्ली और हरियाणा के पुलिस थानों में यहां के अपराधियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज थे. पुलिस ने ऐसे तीन अपराधियों को गिरफ्तार कर हरियाणा-दिल्ली पुलिस के हवाले किया.

कनेक्टिविटी: अभिजीत पाटील के अनुसार, अपराधियों को फर्जी मोबाइल सिम उपलब्ध करवाने का नेटवर्क चूरू जिले में राजगढ़ से लगते रतनगढ़ और सरदारशहर में एक्टिव था. ऐसे छह दुकानदारों व लोगों के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन लिया गया, जिससे अपराधियों की कनेक्टिविटी बेहद कमजोर हो गई.

परिवार के सदस्यों को पकड़ा: चूरू जिले से ताल्लुक रखने वाले कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा, वीरेंद्र चारण और महेंद्र डेलाना विदेशों से अपना नेटवर्क चला रहे हैं. ऐसे में उनकी कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने उनके परिवार के सदस्यों को भी पकड़ना शुरू किया. इसके तहत गोदारा व चारण के पिता और महेंद्र के भाई आदि को पकड़ा गया.

राजगढ़ में मर्डर का एक भी केस नहीं

अभिजीत पाटील के अनुसार, एएसपी राजगढ़ का पद जॉइन करने के बाद से लेकर अब तक क्षेत्र में हत्या का एक भी केस दर्ज नहीं हुआ है और अवैध शराब की तस्करी भी पूरी तरह बंद हो गई है. वरना यह वही राजगढ़ है जहां कभी दिनदहाड़े मर्डर हो जाया करते थे और राजस्थान-हरियाणा सीमा पर आए दिन शराब तस्करी करते हुए टैंकर जब्त किए जाते थे. ऐसे मामलों के तार संगठित अपराधियों से जुड़े होते थे. गैंगस्टरों की कमर तोड़ने का ही नतीजा है कि अब ये दोनों ही मामले पूरी तरह से खत्म हो गए हैं. 

यह भी पढ़ें- DSP की वाइफ ने फेसबुक पर लिखा- मां बीमार, बच्चों को इंतजार, नक्सल क्षेत्र से पति का हो ट्रांसफर, अब हुआ तबदला

आईपीएस अभिजीत पाटील: विदेश में बैठे गैंगस्टरों की इस युवा IPS ने ऐसे तोड़ी कमर, सोशल मीडिया से लेकर फाइनेंस नेटवर्क तक सब ध्वस्त

IPS अभिजीत पाटील की सक्सेस स्टोरी

अभिजीत पाटिल की पुलिसिंग की तरह ही उनकी सक्सेस स्टोरी भी लाजवाब है. वह राजस्थान कैडर के सबसे युवा IPS अधिकारी हैं. इनका जन्म 11 जून 1999 को महाराष्ट्र के ठाणे शहर में तुलसीराम व आशा देवी के घर हुआ था. उनकी माता सिंचाई विभाग में कार्यरत हैं और पिता बृहन्मुंबई नगर निगम में सरकारी सेवा से वीआरएस ले चुके हैं. अभिजीत पाटिल ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा 2022 में पहली बार भाग्य आजमाया और अखिल भारतीय स्तर पर 470वीं रैंक हासिल कर राजस्थान कैडर के IPS बने.  

यह भी पढ़ें- IPS केके बिश्नोई संभल के 'सिंघम': 7 माफियाओं को किया ढेर, 800 करोड़ की संपत्ति सीज, पढ़ें पूरी कहानी

यह भी पढ़ें- आगरा बाथरूम मर्डर केस: DSP अमीषा ने छोटे से सुराग से खोला बड़ा कांड, NDTV को बताई असली कहानी

Featured Video Of The Day
तेहरान में उमड़ा 2 करोड़ का सैलाब! कहां-कहां से गुजरेगी अंतिम यात्रा?
Topics mentioned in this article
IPS
Rajasthan Police
Maharashtra
Success Story