Nashik TCS Case: नासिक के टीसीएस (TCS) ऑफिस में धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले में मानवाधिकार आयोग (NHRC) भी सख्त हो गया है. आयोग ने महाराष्ट्र के डीजीपी (DGP), नाशिक के पुलिस कमिश्नर के साथ TCS के CEO और MD को नोटिस जारी किया है. मानवाधिकार आयोग ने महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक और नाशिक पुलिस आयुक्त को इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच करने और की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट ATR सौंपने के निर्देश दिए हैं.
आयोग ने टीसीएस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी CEO को उनकी आंतरिक POSH समिति का पूरा विवरण, पिछले 3 वर्षों की गतिविधियों और अब तक प्राप्त हुई सभी शिकायतों की रिपोर्ट जमा करने को कहा है. इसके अलावा श्रम आयुक्त को टीसीएस की भारत में स्थित सभी शाखाओं, बीपीओ और सहायक कंपनियों की जानकारी के साथ-साथ उनके पंजीकरण और लाइसेंस के दस्तावेज भी पेश करने के निर्देश दिए गए हैं.
कर्माचिरयों के अधिकारों का हनन
यह कार्रवाई लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी नामक संस्था द्वारा आयोग में दर्ज कराई गई शिकायत के बाद शुरू हुई है. शिकायत में कार्यस्थल पर कर्मचारियों के अधिकारों के हनन (Violation of Rights) और जबरन धर्मांतरण (Conversion) के प्रयासों जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे.
इस नोटिस के बाद अब कॉरपोरेट जगत और पुलिस प्रशासन में हलचल बढ़ी है, क्योंकि आयोग ने सीधे तौर पर कंपनी के उच्च अधिकारियों और पुलिस के शीर्ष नेतृत्व से जवाब मांगा है. उधर, पुलिस जांच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि संदिग्ध आरोपी पीड़िता और अन्य महिला कर्मचारियों को सोशल मीडिया के जरिए परेशान कर रहे थे.
पीछा करते, इंस्टा-फेसबुक पर मैसेज करते आरोपी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि संदिग्ध आरोपी पीड़िता को इंस्टाग्राम, फेसबुक और वॉट्सऐप से स्टॉक करते थे और उसे लगातार मैसेज भेजकर परेशान किया करते थे. संदिग्धों द्वारा पीड़िता और अन्य महिला सहकर्मियों के साथ की गई बातचीत, अश्लील टिप्पणियों और भेजे गए आपत्तिजनक वीडियो की पुलिस बारीकी से जांच कर रही है.
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ऑफिस की अन्य महिलाओं के साथ भी किया ऐसा?
पुलिस इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या आरोपियों ने कार्यालय की अन्य महिलाओं के साथ किसी विशिष्ट धार्मिक उद्देश्य या एजेंडे के तहत कोई गलत कृत्य किया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस का मानना है कि आरोपियों के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट्स से मिलने वाले डिजिटल सबूत इस केस को सुलझाने में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी साबित होंगे.
पुलिस प्रशासन तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से सभी डिलीट किए गए डेटा और चैट्स को रिकवर करने की कोशिश कर रहा है, ताकि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें.
अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार, निदा खान फरार
यौन शोषण और धर्मांतरण मामले में अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, लेकिन निदा खान फरार है. यह सभी आरोपी टीसीएस के ही कर्मचारी हैं. पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी दफ्तर में उच्च पदों पर तैनात हैं. यह सभी एक सिंडिकेट की तरह काम कर रहे थे. सभी ऑफिस में युवतियों को निशाना बनाते थे. इस पूरे सिंडिकेट का खुलासा तब हुआ, जब पुलिस की एक टीम ने सफाईकर्मी बनकर टीसीएस के ऑफिस में अंडरकवर ऑपरेशन चलाया.
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
- दानिश एजाज शेख
- तौसिफ बिलाल अत्तर
- रजा रफीक मेमन
- शाहरुख हुसैन शौकत कुरैशी
- मोहम्मद शफी शेख
- आसिफ आलम आफताब आलम अंसारी
- निदा एजाज खान (फरार)
- अश्विनी अशोक चेनानी
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