- मुंबई के माझगांव कोर्ट में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई जारी है.
- राज्यसभा सांसद संजय राउत ने अदालत में करीब 35 सालों के पत्रकारिता और राजनीतिक अनुभव का उल्लेख किया.
- संजय राउत ने बालासाहेब ठाकरे से अपने करीब चालीस साल पुराने संबंध और उनके योगदान को बताया.
मुंबई के माझगांव कोर्ट में केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के खिलाफ दायर मानहानि मामले में आज अहम सुनवाई हुई. इस सुनवाई के दौरान ठाकरे गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत खुद अदालत में मौजूद रहे. आज से इस मामले में संजय राउत की गवाही दर्ज करने की प्रक्रिया भी औपचारिक रूप से शुरू हो गई है. राउत की तरफ से वकील सार्थक शेट्टी ने कोर्ट में पक्ष रखा.
अदालत में बयान दर्ज कराते हुए संजय राउत ने कहा कि वह पिछले करीब 35 वर्षों से ‘दैनिक सामना' अखबार के संपादक हैं और साल 2004 से राज्यसभा सांसद के रूप में देश की संसद में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि एक पत्रकार और राजनीतिक नेता के तौर पर उन्हें महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पहचान और सम्मान मिला है.
बालासाहेब से 40 साल पुराना रिश्ता: राउत
संजय राउत ने कोर्ट को यह भी बताया कि उनका शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे से करीब 40 साल पुराना रिश्ता रहा है. राउत के मुताबिक, बालासाहेब ठाकरे के प्रति सम्मान और स्नेह के चलते उन्होंने उनके जीवन और विचारों पर कई किताबें लिखी हैं. साथ ही, बालासाहेब ठाकरे के व्यक्तित्व और संघर्ष को देशभर तक पहुंचाने के लिए मराठी और हिंदी भाषा में “ठाकरे” नाम से फिल्म भी बनाई गई.
उन्होंने कहा कि उन्हें सांसद बनाने में बालासाहेब ठाकरे की अहम भूमिका रही है. वर्ष 2004 में वह पहली बार राज्यसभा पहुंचे थे. उन्होंने अदालत को बताया कि शिवसेना में पद और जिम्मेदारियां तय करने का अधिकार शिवसेना प्रमुख के पास होता था और उनके फैसलों को सर्वोपरि माना जाता था. राउत के अनुसार, बालासाहेब ठाकरे के निर्देश पर ही वह दिल्ली में रहकर पार्टी का काम संभालते थे.
अपनी संसदीय भूमिका का जिक्र करते हुए संजय राउत ने बताया कि राज्यसभा सदस्य के तौर पर उन्होंने गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, विदेश मंत्रालय के साथ-साथ उर्वरक और रसायन मंत्रालय से जुड़ी कई अहम संसदीय समितियों में काम किया है.
नारायण राणे के बयान से जुड़ा है मामला
दरअसल, यह पूरा मामला नारायण राणे के उस बयान से जुड़ा है, जो उन्होंने भांडुप में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया था. राणे ने उस मंच से दावा किया था कि संजय राउत को सांसद उन्होंने बनाया था और इसके लिए उन्होंने पैसे भी खर्च किए थे. इसी बयान को अपमानजनक बताते हुए संजय राउत ने राणे के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया है.
आज से इस मामले में संजय राउत की गवाही रिकॉर्ड होना शुरू हो चुकी है. अब इस केस की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी, जहां आगे की गवाही दर्ज की जाएगी.














