NEET Scam 2026: NEET पेपर लीक और कथित धांधली मामले में अब एक नया एंगल सामने आया है, जिसने जांच एजेंसियों को और सतर्क कर दिया है. महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार के नेटवर्क और उसकी कंसल्टेंसी पर पुलिस की नजर गहराती जा रही है. “SR एजुकेशन कंसल्टेंसी” के नाम से संचालित यह संस्था केवल मार्गदर्शन देने का दावा करती थी, लेकिन अब आशंका जताई जा रही है कि इसके जरिए संगठित तरीके से परीक्षा में गड़बड़ी की साजिश रची जा रही थी. कई शहरों और राज्यों में फैले इस नेटवर्क ने जांच को जटिल बना दिया है. पुलिस अब इसके दफ्तरों, दस्तावेजों और छात्रों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि पूरे रैकेट की सच्चाई सामने आ सके. NDTV के लिए प्रांजल कुलकर्णी की रिपोर्ट.
बहु-राज्यीय कंसल्टेंसी नेटवर्क पर पुलिस की नजर
NEET पेपर लीक मामले में गिरफ्तार शुभम खैरनार अब जांच का केंद्र बन चुका है. शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि वह “SR एजुकेशन कंसल्टेंसी” के जरिए एक बड़ा नेटवर्क चला रहा था. यह नेटवर्क सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था, बल्कि अन्य राज्यों तक फैला हुआ था. विज्ञापनों और दावों के अनुसार, इसके ऑफिस नासिक, संभाजीनगर (औरंगाबाद), पुणे और नागपुर के साथ-साथ भोपाल और बेंगलुरु में भी संचालित हो रहे थे. इतने बड़े विस्तार ने पुलिस को यह आशंका जताने पर मजबूर कर दिया है कि मामला सिर्फ काउंसलिंग तक सीमित नहीं, बल्कि संगठित धांधली का हिस्सा भी हो सकता है.
‘मार्गदर्शन' के नाम पर क्या था असली खेल?
कंसल्टेंसी खुद को मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में मदद देने वाली संस्था बताती थी. छात्रों और अभिभावकों को आकर्षित करने के लिए कई तरह के वादे किए जाते थे. संस्था का दावा था कि वह रजिस्ट्रेशन से लेकर एडमिशन तक पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन देती है. इसके अलावा NEET, JEE और CET जैसी परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन कोचिंग जैसी सेवाएं भी देने का वादा किया जाता था. फॉर्म भरने के लिए विशेषज्ञों की टीम, बैंक लोन और स्कॉलरशिप की जानकारी तथा आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को छूट जैसे ऑफर भी दिए जाते थे. हालांकि अब जांच एजेंसियां इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि इन सेवाओं के पीछे कहीं कोई अवैध गतिविधि तो नहीं छिपी थी.
नासिक का M-47 ऑफिस बना जांच का केंद्र
नासिक स्थित दुकान नंबर M-47, जहां से इस कंसल्टेंसी का संचालन होता था, फिलहाल बंद है और पुलिस जांच के घेरे में है. पुलिस टीम इस कार्यालय से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और संपर्क विवरण खंगाल रही है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यहां आने वाले छात्रों और अभिभावकों के जरिए कोई संदिग्ध गतिविधियां तो नहीं संचालित की जा रही थीं.
छात्रों के डेटा और संपर्कों की हो रही पड़ताल
जांच एजेंसियां अब केवल आरोपी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इससे जुड़े पूरे नेटवर्क को खंगाल रही हैं. पुलिस उन छात्रों के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, जो इस कंसल्टेंसी के संपर्क में आए थे. कॉल डिटेल, ईमेल, फीस पेमेंट और एडमिशन प्रक्रिया से जुड़े हर पहलू को बारीकी से जांचा जा रहा है.
बड़े रैकेट की आशंका
प्रारंभिक जांच के आधार पर यह मामला एक बड़े संगठित रैकेट की ओर इशारा कर रहा है. यदि कंसल्टेंसी के जरिए परीक्षा में धांधली की “सेटिंग” की जा रही थी, तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि कई लोगों के शामिल होने की संभावना को भी मजबूत करता है. फिलहाल पुलिस हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है, ताकि NEET से जुड़े इस कथित घोटाले की पूरी परतें खोली जा सकें.
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