मुंबई में गहराएगा जल संकट: 7 जून की आधी रात से निजी वॉटर टैंकर ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान

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मुंबई में पानी संकट गहराने के आसार: रविवार रात से वॉटर टैंकर हड़ताल, लाखों लोग होंगे प्रभावित

Mumbai Water Tanker Strike: मुंबई में पहले से जारी 10 फीसदी पानी कटौती के बीच अब जल संकट और गहरा सकता है. मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन ने रविवार आधी रात से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है. एसोसिएशन ने अपने सभी टैंकर सड़क किनारे खड़े करने का निर्णय लिया है, जिससे शहर के लाखों लोगों के सामने पानी की बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है. खासतौर पर हाउसिंग सोसायटी, ऊंची इमारतें, मॉल, स्कूल, अस्पताल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, क्योंकि इनकी जलापूर्ति काफी हद तक टैंकरों पर निर्भर है. एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर तुरंत आपात बैठक बुलाने और टैंकर व्यवसाय से जुड़े नियमों में राहत देने की मांग की है.

रविवार आधी रात से थम जाएंगे टैंकर

मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन ने घोषणा की है कि 7 जून की मध्यरात्रि से सभी टैंकर सेवाएं बंद कर दी जाएंगी. एसोसिएशन का कहना है कि जब तक सरकार और प्रशासन के साथ व्यावहारिक समाधान नहीं निकलता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.

क्यों हो रही हड़ताल?

मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन की इस अचानक हड़ताल के पीछे की मुख्य वजह केंद्रीय भूजल प्राधिकरण के कड़े नियम, पुलिस/प्रशासन की कार्रवाई और टैंकर संचालकों के खिलाफ दर्ज हो रही एफआईआर है. टैंकर मालिक लंबे समय से इन नियमों में ढील देने और टैंकर व्यवसाय के लिए एक स्पष्ट नीति बनाने की मांग कर रहे हैं.

80 साल पुरानी सेवा पर संकट

एसोसिएशन का दावा है कि मुंबई में वॉटर टैंकर सेवा पिछले करीब 80 वर्षों से लोगों की जरूरत पूरी कर रही है. यह सेवा विशेष रूप से उन इलाकों के लिए बेहद अहम है, जहां नियमित नगरपालिका जलापूर्ति पर्याप्त नहीं होती.

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पानी कटौती के बीच बढ़ी चिंता

मुंबई में पहले से ही 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू है. ऐसे में टैंकर सेवाएं बंद होने से हालात और खराब होने की आशंका है. हड़ताल से कई रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों में सोमवार से पानी को लेकर हाहाकार जैसी स्थिति बन सकती है.

किन जगहों पर असर सबसे ज्यादा?

टैंकर हड़ताल का सबसे ज्यादा असर इन स्थानों पर पड़ सकता है:

  • हाउसिंग सोसायटियां
  • ऊंची रिहायशी इमारतें
  • अस्पताल
  • स्कूल और कॉलेज
  • मॉल और होटल
  • औद्योगिक इकाइयां

इनमें से कई स्थानों की जलापूर्ति पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर रहती है.

क्या हैं टैंकर यूनियन की मुख्य मांगें?

हड़ताल के पीछे मुख्य कारण केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (CGWA) के नियमों को बताया जा रहा है. एसोसिएशन का आरोप है कि नियमों का कड़ा और चयनात्मक तरीके से पालन कराया जा रहा है, जिससे टैंकर व्यवसाय प्रभावित हो रहा है.

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टैंकर ऑपरेटरों की मांग है कि:

  • भूजल नियमों में व्यावहारिक ढील दी जाए
  • टैंकर उद्योग के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए
  • पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई रोकी जाए
  • संचालकों पर दर्ज हो रही FIR पर पुनर्विचार हो

मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र

मुंबई वाटर टैंकर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मामले में दखल देने की मांग की है. एसोसिएशन ने कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो पूरे शहर में जल संकट गहरा सकता है. हड़ताल की घोषणा के बाद अब प्रशासन पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ गया है. अगर सरकार और टैंकर यूनियन के बीच बातचीत नहीं हुई, तो लाखों मुंबईकरों को पानी की गंभीर परेशानी झेलनी पड़ सकती है. यदि हड़ताल लंबी चली, तो अगले 24 से 48 घंटों में मुंबई के कई इलाकों में पानी का संकट गंभीर रूप ले सकता है. लोगों ने पहले से पानी स्टोर करना भी शुरू कर दिया है.

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