कांग्रेस नेता की हत्या, AIMIM नेता पर हमला, शिंदे के सैनिक पर वार-महाराष्ट्र में चुनाव,चरम पर तनाव

पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार स्थिति अभी नियंत्रण में है. सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई है. उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित किया जाएगा.

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महाराष्ट्र निकाय चुनाव के दौरान बढ़ रही हैं हिंसा की घटनाएं
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  • छत्रपति संभाजीनगर में AIMIM नेता इम्तियाज़ जलील के प्रचार वाहन पर भीड़ ने हमला किया.
  • मुंबई बांद्रा में शिवसेना उम्मीदवार सलीम कुरैशी पर प्रचार के दौरान अज्ञात हमलावर ने चाकू से हुआ हमला.
  • अकोला में कांग्रेस उपाध्यक्ष हिदायतुल्लाह पटेल पर चाकू से हमला किया गया.
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मुंबई:

महाराष्ट्र में आगामी नगर निगम चुनावों के बीच चुनावी हिंसा की कई घटनाओं ने सियासत को और गरमा दिया है. राज्य में छत्रपति संभाजीनगर, मुंबई के बांद्रा और अकोला में अलग-अलग इलाकों से अब तक हमले, चाकूबाजी और हत्या जैसी घटनाओं की खबरें सामने आई हैं, जिससे प्रशासन की चुनौती और बढ़ गई है. प्रशासन आगामी चुनाव को लेकर अब अतिरिक्त सतर्क हो चुका है. बीते कुछ समय में इस तरह की कई और घटनाएं भी सामने आई हैं. पुलिस इन मामले की अलग-अलग एंगल से जांच कर रही है.

छत्रपति संभाजीनगर: AIMIM के इम्तियाज जलील के वाहन पर हमला

छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) के जिन्सी इलाके में बुधवार को AIMIM के पूर्व सांसद और राज्य अध्यक्ष इम्तियाज़ जलील के प्रचार अभियान के दौरान उनके वाहन पर भीड़ ने हमला करने का प्रयास किया.घटना उस समय हुई जब जलील अपने समर्थकों के साथ नगर निगम चुनाव प्रचार में शामिल थे.भीड़ ने उनकी गाड़ी पर पथराव और धक्का-मुक्की की कोशिश की,साथ ही कुछ लोगों ने काले झंडे दिखाए और नारेबाजी भी की. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने उनके वाहन को रोके रखने और उसे खींचने की कोशिश भी की.

पुलिस ने इलाके में मौजूद 30-35 लोगों को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और स्थिति को काबू में किया गया. AIMIM नेताओं ने आरोप लगाया कि यह हमला कांग्रेस के स्थानीय उम्मीदवार और साथ ही कुछ BJP नेताओं से जुड़े लोगों द्वारा संगठित किया गया था, जबकि विवादित उम्मीदवारों ने इन आरोपों से इंकार किया है और घटना को राजनीतिक प्रचार का हिस्सा बताया है. पुलिस ने इस मामले में कई लोगों, जिनमें कांग्रेस उम्मीदवार कलीम और हबीब कुरैशी भी शामिल हैं, के खिलाफ धारा दंगों और हमला के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की है और कई आरोपियों को हिरासत में लिया है.

मुंबई, बांद्रा: शिवसेना उम्मीदवार पर चाकू से हमला

मुंबई के बांद्रा (बांद्रा ईस्ट, संत ज्ञानेश्वर नगर) में एक शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के उम्मीदवार सलीम कुरैशी पर प्रचार के दौरान चाकू से हमला हुआ.पुलिस के अनुसार हमला शाम लगभग 5 बजे हुआ, जब कुरैशी अपने समर्थकों के साथ घर-घर प्रचार कर रहे थे.अज्ञात हमलावर ने अचानक उन पर हमला करते हुए पेट में चाकू घोंप दिया.उन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत स्थिर है और वे अब खतरे से बाहर हैं.पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमों का गठन कर जांच तेज कर दी गई है,लेकिन इस घटना के पीछे का प्रेरणा/मूल कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है.

अकोला: कांग्रेस उपाध्यक्ष हिदायत पटेल की हत्या

सबसे गंभीर और विवादित मामला अकोला जिले के अकोट तालुका के मोला गांव से आया, जहां महाराष्ट्र कांग्रेस के राज्य उपाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता हिदायतुल्लाह पटेल पर चाकू से हमला किया गया, जिससे उनकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई.पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार दोपहर करीब 1.30 बजे हुई, जब पटेल नमाज़ अदा करने के बाद मस्जिद के बाहर निकले थे. उस समय कथित हमलावर उबैद पटेल (25) ने उन पर चाकू से कई वार किए, जिससे पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए.

घायल स्थिति में उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उनकी हालत बिगड़ने पर एक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उन्हें बड़े अस्पताल ले जाया गया. हालांकि गंभीर चोटों के कारण बुधवार सुबह उनका निधन हो गया.पुलिस ने हमला करते हुए आरोपी उबैद पटेल को सीसीटीवी में देखते हुए गिरफ्तार कर लिया है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी और मृतक के बीच 2019 की एक पुरानी दुश्मनी और पारिवारिक रंजिश थी, जिसमें आरोपी ने हिदायत पटेल पर पहले भी आरोप लगाए थे.

पटेल की मृत्यु से अकोला में भारी शोक और राजनीतिक तनाव फैल गया है. उनके अंतिम संस्कार में हजारों लोग शामिल हुए और कांग्रेस सहित कई पार्टियों ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था में चूक का आरोप लगाया है.इन घटनाओं की पुष्टि के बाद राज्यभर में राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस और AIMIM ने केंद्र और राज्य सरकार से स्पष्ट सुरक्षा इंतजाम, उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ तीव्र कार्रवाई की मांग की है. कई नेताओं ने कहा है कि अगर ऐसी हिंसा चुनावों के दौरान नहीं रुकी, तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए खतरा बन सकती है.

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पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार स्थिति अभी नियंत्रण में है. सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई है. उन्होंने कहा कि संवैधानिक अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित किया जाएगा.महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के दौरान बढ़ रही हिंसा की यह लहर न केवल राजनीतिक दलों के बीच तनाव को बढ़ा रही है, बल्कि आम जनता के बीच भी भय का माहौल फैला रही है. ऐसे में प्रशासन और चुनाव आयोग के सामने यह चुनौती है कि वे निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुरक्षित चुनाव सुनिश्चित करें, ताकि लोकतंत्र की मूल भावना को बचाया जा सके.

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