शशि थरूर ने मणि शंकर अय्यर को खुला पत्र लिखकर उनके आरोपों का कड़ा जवाब दिया. थरूर ने कहा कि विदेश नीति में राष्ट्रहित, व्यवहारिकता और रणनीतिक संतुलन जरूरी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मतभेद लोकतंत्र की ताकत है, लेकिन देशभक्ति पर सवाल उठाना गलत है.