TCS Conversion and Sexual Harassment: महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के ऑफिस में महिला कर्मचारियों का जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे ही चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. पुलिस को टीसीएस में जब इन गतिविधियों की सूचना मिली तो नासिक पुलिस ने अंदर की जानकारी जुटाने के लिए एक अंडरकवर ऑपरेशन चलाया था. इसके लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और नासिक पुलिस ने अपने कर्मचारियों और एक महिला अधिकारी को तैनात किया था, जहां उन्होंने हिंदू महिला कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के दबाव का पैटर्न पता लगाया.
ऐसे ऑपरेशन को दिया अंजाम
नासिक पुलिस को फरवरी में टीसीएस ऑफिस के अंदर यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के बारे में एक शिकायत मिली थी. इसके बाद नासिक पुलिस ने 40 दिनों का एक गुप्त ऑपरेशन (Undercover Operation) शुरू किया. कंपनी के अंदर घुसपैठ करने और सिंडिकेट को भीतर से खत्म करने के लिए सात महिला पुलिस अधिकारियों की एक टीम को तैनात किया. इसमें पुलिस कॉन्स्टेबल और एक महिला अधिकारी शामिल थी. ये सभी हाउसकीपिंग स्टाफ का भेष बनाकर सभी फ्लोर (मंजिल) और प्रतिबंधित क्षेत्रों तक पहुंच बनाने में कामयाब रहे.
ऑफिस के सीनियर कर्मचारियों पर रखी नजर
इन्होंने सफाई और रखरखाव स्टाफ बनकर हफ्तों तक बिना किसी को शक हुए काम किया, जहां उन्होंने रोजमर्रा की बातचीत, ऑफिस के माहौल और वरिष्ठ टीम लीडरों (सीनियर कर्मचारियों) के व्यवहार पर नजर रखी. अंडरकवर पुलिस कर्मियों ने विशेष रूप से निजी बैठकों और "अनौपचारिक" समारोहों पर नजर रखी, ताकि इस दावे की पुष्टि की जा सके कि कर्मचारियों को दफ्तर के समय के दौरान धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए मजबूर किया जा रहा था.
पीड़ित महिलाओं को किया जाता अलग-थलग
पुलिस की अंडरकवर टीम हर दिन अपने सीनियर अधिकारियों को रिपोर्ट देती थी. उन्होंने सीधे-सीधे सबूत सौंपे, जिसमें बताया गया कि कैसे "मास्टरमाइंड" जोड़ी और उनके साथी कर्मचारी पीड़ित महिलाओं को अलग-थलग कर रहे थे, या फिर इन पर दबाव डाला जा रहा था.
HR शिकायतों को करता नजरअंदाज
अंडरकवर ऑपरेशन से पुष्टि की कि पीड़ितों का कैसे व्यवस्थित तरीके से दमन किया जा रहा था. उन्हें पता चला कि HR और सीनियर मैनेजमेंट आंतरिक शिकायतों को असल समय में कैसे संभालते थे या नजरअंदाज करते थे.
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संदिग्ध का फोन खंगालने पर मिली तस्वीरें
एक अहम सफलता तब मिली जब पुलिस ने एक गिरफ्तार संदिग्ध का फोन खंगाला और उसमें एक हिंदू कर्मचारी की धार्मिक पोशाक में तस्वीरें मिलीं. इससे अंडरकवर टीम से मिले 'ग्रूमिंग' के तरीकों से पुष्टि हुई. मामले में पहल एक एफआईआर दर्ज की गई. जब महिला अधिकारियों की जुटाई जानकारी पर और सबूत मिले तो कुल 9 FIR दर्ज की गईं.
हाई-प्रोफाइल कर्मचारियों को रंगे हाथों पकड़ा
इसके चलते सात कर्मचारियों की हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें POSH समिति का एक सीनियर HR मैनेजर भी शामिल था. SIT ने अंतिम गिरफ्तारियां करने से एक सोच-समझकर योजना बनाई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सिंडिकेट डिजिटल सबूतों को नष्ट न कर सके या गवाहों को डरा-धमका न सके. इसके लिए पुलिस ने अंडरकवर ऑपरेशन के जरिए आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया.
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धर्म बदलने के लिए उकसाते थे कर्मचारी
पुलिस को एक गवाह ने बताया कि कुछ आरोपी कर्मचारी अक्सर अपने साथियों को हिंदू महिलाओं के साथ प्रेम-संबंध बनाने और उन्हें अपना धर्म बदलने के लिए प्रभावित करने के लिए उकसाते थे. ऑफिस में धार्मिक चर्चाएं आम थीं और कथित तौर पर 2021 से कुछ लोगों को ऐसी गतिविधियों के लिए आर्थिक मदद भी मिल रही थी.
दो आरोपियों को फिर हिरासत में लिया
पुलिस ने मुख्य संदिग्धों रजा मेमन और शफी शेख को एक तीसरे मामले FIR की जांच के सिलसिले में जेल से दोबारा हिरासत में लिया है. उन्हें आज नासिक सत्र न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी आगे की रिमांड की मांग करेगीय
निदा खान आज कर सकती है याचिका दायर
इसके अलावा महिला आयोग की टीम 18 अप्रैल को ऑफिस का दौरा करेगी. चर्चा है कि फरार निदा खान आज नासिक कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल कर सकती है. मामले की संदिग्ध आरोपी निदा खान पिछले 10 दिनों से फरार है. SIT की तीन विशेष टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं.














