फॉरेस्ट लैंड घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, 17.74 करोड़ की जमीनें की अटैच

फॉरेस्ट लैंड घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED ने नवी मुंबई के उरण और उलवे इलाके की 17.74 करोड़ रुपये की तीन जमीनों को PMLA के तहत अटैच किया है. इस मामले में अब तक 69.47 करोड़ रुपये की संपत्ति पर कार्रवाई हो चुकी है.

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  • ED ने फॉरेस्ट लैंड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नवी मुंबई के उरण और उलवे इलाके की तीन जमीनों को अटैच किया है
  • सरकार ने 1975 में रायगढ़ जिले की जमीनें अधिग्रहित की थीं, बाद में राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ हुई थी
  • आरोपी ने फर्जी तरीके से जमीन का हिस्सा एनएचएआई को बेच 42.4 करोड़ रुपये का अवैध मुआवजा प्राप्त किया
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मुंबई:

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मुंबई ज़ोनल कार्यालय ने फॉरेस्ट लैंड घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ED ने 4 फरवरी 2026 को PMLA एक्ट, 2002 के तहत प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी करते हुए नवी मुंबई के उरण और उलवे इलाके में स्थित तीन ज़मीनों को अटैच किया है. इन संपत्तियों की कुल कीमत करीब 17.74 करोड़ रुपये बताई जा रही है. ये ज़मीनें आरोपी जे. एम. म्हात्रे और उनकी पत्नी के नाम पर दर्ज हैं.

1975 में सरकार द्वारा अधिग्रहित थी जमीन

ED की जांच में सामने आया है कि रायगढ़ जिले के पनवेल तालुका के मौजे वहाल में स्थित ये ज़मीनें साल 1975 में महाराष्ट्र सरकार द्वारा महाराष्ट्र प्राइवेट फॉरेस्ट्स (अधिग्रहण) एक्ट के तहत अधिग्रहित कर ली गई थीं. इसके बाद 7/12 रिकॉर्ड में इन ज़मीनों का मालिकाना हक महाराष्ट्र सरकार के फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के नाम दर्ज था. हालांकि, बाद में राजस्व रिकॉर्ड में कथित तौर पर छेड़छाड़ कर फॉरेस्ट डिपार्टमेंट का नाम हटाया गया और आरोपी का नाम अवैध रूप से दर्ज कर दिया गया.

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NHAI को जमीन बेचकर मिला 42.4 करोड़ का मुआवजा

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी ने फर्जी तरीके से अपने नाम कराई गई ज़मीन के एक हिस्से को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) को बेच दिया. इसके बदले आरोपी को करीब 42.4 करोड़ रुपये का मुआवज़ा मिला, जिसे ED ने पूरी तरह अवैध करार दिया है.

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मुआवज़े की रकम का ऐसे किया गया इस्तेमाल

ED के अनुसार, गलत तरीके से हासिल किए गए मुआवज़े की रकम का इस्तेमाल नई अचल संपत्तियां खरीदने, बैंक लोन की अदायगी, JMMIPL और JMM Homes जैसी कंपनियों के बिज़नेस खर्चों और परिवार के सदस्यों को पैसे देने में किया गया.

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पहले भी हो चुकी है बड़ी कार्रवाई

इस मामले में इससे पहले 17 जून 2025 को ED ने मुंबई और नवी मुंबई के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. इस दौरान 16.5 लाख रुपये नकद जब्त किए गए थे और 43.78 करोड़ रुपये के बैंक अकाउंट्स और एफडीआर को फ्रीज़ किया गया था. ED ने यह भी बताया कि 12 जनवरी 2026 को इस केस में 7.10 करोड़ रुपये की पांच अचल संपत्तियों को अटैच किया गया था.

अब तक 69.47 करोड़ की संपत्ति पर कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय के मुताबिक, इस फॉरेस्ट लैंड घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में अब तक कुल 69.47 करोड़ रुपये की संपत्ति को अटैच, सीज़ या फ्रीज़ किया जा चुका है.

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