दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण होटल अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद मुंबई महानगरपालिका सतर्क हो गई है. इस दर्दनाक हादसे से सबक लेते हुए मुंबई प्रशासन ने शहर के होटलों और लॉजिंग प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करना शुरू कर दिया है. इसके लिए बीएमसी (Brihanmumbai Municipal Corporation) की कई संयुक्त टीमों ने दक्षिण और मध्य मुंबई समेत शहर के विभिन्न हिस्सों में स्थित होटलों, लॉज और गेस्ट हाउसों में एक व्यापक औचक निरीक्षण अभियान (सरप्राइज इंस्पेक्शन ड्राइव) शुरू किया है. प्रशासन का उद्देश्य होटलों और लॉजिंग प्रतिष्ठानों में ठहरने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित हादसों को समय रहते रोकना है.
20 से अधिक अधिकारियों की टीम ग्राउंड जीरो पर उतरी
इस बड़े सुरक्षा अभियान के तहत दक्षिण-मध्य मुंबई के जी-साउथ वार्ड से लेकर शहर के विभिन्न प्रशासनिक वार्डों में कार्रवाई की जा रही है. प्रभादेवी स्थित कोहिनूर पार्क थ्री-स्टार होटल सहित कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के सुरक्षा इंतजामों को परखा गया. इस औचक निरीक्षण के दौरान बीएमसी के वार्ड अधिकारी, मुंबई फायर ब्रिगेड, बिल्डिंग एंड फैक्ट्री विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अतिक्रमण विभाग के 20 से अधिक अधिकारी खुद ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहे. टीमों द्वारा होटलों में पहुंचकर फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, हाइड्रेंट लाइन, होज पाइप, होज रील और आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की कार्यक्षमता की जमीनी हकीकत जांची गई.
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24 वार्डों में फैला बीएमसी का सुरक्षा घेरा
अवैध निर्माण और नियम टूटने पर होगी सख्त कार्रवाई
नियमों का उल्लंघन करने वाले होटल मालिकों को लेकर बीएमसी के बिल्डिंग विभाग के अधिकारी राजेश राठोड ने भी सख्त रुख अपनाया है. बिल्डिंग विभाग अधिकारी राजेश राठोड ने NDTV से बात करते हुए स्पष्ट किया कि "नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है. एमआरटीपी एक्ट और बीएमसी की विभिन्न धाराओं के तहत नोटिस जारी किए जाते हैं. अनधिकृत निर्माण और नियमभंग के मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है."
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लापरवाही बरतने वालों को प्रशासन की सख्त चेतावनी
जांच के दौरान टीमों का विशेष ध्यान इस बात पर है कि आपातकालीन निकास मार्गों पर किसी भी प्रकार का अवरोध या रुकावट न हो. साथ ही निर्धारित क्षमता से अधिक मेहमानों को ठहराने, अवैध निर्माण और अनधिकृत बदलावों की भी बारीकी से जांच की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग की टीम भी इस दौरान स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों की भी जांच कर रही है. बीएमसी और मुंबई फायर ब्रिगेड के अनुसार यह विशेष निरीक्षण अभियान आने वाले दिनों में भी लगातार जारी रहेगा ताकि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की कोताही को पूरी तरह खत्म किया जा सके.
'नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी'
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'फायर सेफ्टी ऑडिट और सरप्राइज इंस्पेक्शन तेज किए गए'
जांच के तकनीकी पहलुओं और अग्नि सुरक्षा उपकरणों की स्थिति पर वर्ली के फायर स्टेशन ऑफिसर रूपेश वसंत राणे ने भी ग्राउंड जीरो से अपनी बात रखी. वर्ली के फायर स्टेशन ऑफिसर रूपेश वसंत राणे ने NDTV से बातचीत के दौरान कहा- "दिल्ली हादसे के बाद फायर सेफ्टी ऑडिट और सरप्राइज इंस्पेक्शन तेज किए गए हैं. फायर फाइटिंग सिस्टम, इमरजेंसी एग्जिट और सुरक्षा मानकों के पालन की जांच की जा रही है. गंभीर अनियमितता मिलने पर होटल प्रबंधन के खिलाफ नोटिस और कानूनी कार्रवाई की जाएगी."