- नासिक के गॉडमैन अशोक खरात और सहयोगियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज किया है
- अशोक खरात पर रेप, धोखे से यौन संबंध बनाने और अंधविश्वास फैलाने सहित कई गंभीर आरोप पहले से लगे हुए हैं
- महाराष्ट्र के मानव बलि और काला जादू निषेध अधिनियम के तहत भी अशोक खरात के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज हैं
महाराष्ट्र में कथित तौर पर लोगों को झांसे में लेकर ठगी और गंभीर अपराधों को अंजाम देने वाले नासिक के तथाकथित ‘गॉडमैन' अशोक खरात की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने खरात और उसके सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करते हुए ECIR फाइल की है. यह केस 4 अप्रैल, शनिवार को मुंबई स्थित ED दफ्तर में दर्ज किया गया.
रेप और अंधविश्वास कानून समेत कई FIR पहले से दर्ज
अशोक खरात के खिलाफ नासिक, शिर्डी, वावी और सरकारवाड़ा समेत कई पुलिस थानों में पहले से ही कई FIR दर्ज हैं. इन मामलों में उस पर रेप, धोखे से यौन संबंध बनाने और अंधविश्वास फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. इसके अलावा उस पर महाराष्ट्र के ‘मानव बलि और अन्य अमानवीय, अघोरी प्रथाओं व काला जादू निषेध अधिनियम 2013' की धाराओं के तहत भी केस दर्ज हैं.
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मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से अब ED की जांच
सूत्रों के मुताबिक, ED ने इन्हीं FIR का संज्ञान लेते हुए अब मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की है. एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि खरात ने लोगों को किस तरह से अपने जाल में फंसाया, उनसे पैसे और संपत्ति कैसे हासिल की, और फिर उस अवैध कमाई को किन तरीकों से वैध बनाने की कोशिश की गई.
करीबी सहयोगियों और लेन‑देन की हो रही पड़ताल
जांच में यह भी देखा जाएगा कि इस पूरे नेटवर्क में खरात के साथ कौन-कौन लोग शामिल थे। ED को शक है कि उसके कुछ करीबी सहयोगियों ने न सिर्फ ठगी को अंजाम देने में मदद की. फिलहाल ED की टीम दस्तावेजों और बैंक ट्रांजैक्शन्स की पड़ताल कर रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है.
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