मुझे अभी भी विश्वास नहीं...प्लेन हादसे में अजित पवार की मौत पर एकनाथ शिंदे

महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने अजित पवार के निधन पर गहरा शोक जताया और कहा कि राज्य पर दुख का पहाड़ टूटा है.

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पवार फैमिली को सांत्वना देते शिंदे और फडणवीस
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  • महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत पर पूरे देश में शोक की लहर छा गई है
  • उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अजित पवार के परिवार से बारामती में मुलाकात कर गहरा दुख व्यक्त किया है
  • शिंदे ने कहा कि अजित पवार की स्पष्टवादिता, समय की पाबंदी और कार्यक्षमता उन्हें अन्यों से अलग बनाती थी
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मुंबई:

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के बाद देशभर में शोक की लहर है. इसी बीच उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि आज महाराष्ट्र पर मानो दुख का पहाड़ टूट पड़ा है. उन्होंने कहा कि सुबह वे मुख्यमंत्री और राज्यपाल के साथ बारामती जाकर लौटे, जहां परिवार से मुलाकात भी हुई. अभी भी यकीन नहीं हो रहा कि अजीत दादा नहीं रहे.

मुझे अभी भी विश्वास नहीं...

एकनाथ शिंदे ने मराठी में कहा कि हजारों‑लाखों लोग आज उनके परिवार के साथ खड़े हैं. हर किसी के चेहरे पर इस गहरे दुख की छाप दिखाई दे रही है. मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि अजीत दादा हमारे बीच नहीं हैं. उन्होंने कहा कि अजित पवार हमेशा स्पष्टवादिता, समय की पाबंदी और तुरंत काम निपटाने के स्वभाव के लिए जाने जाते थे. सुबह 6 बजे भी वे लोगों से मिलते थे.

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महाराष्ट्र का दादा नहीं रहा

शिंदे ने कहा कि राजनीति में वे मुझसे वरिष्ठ थे, वे 27 साल की उम्र से राजनीति में आ गए थे, इसलिए लोग उन्हें दादा बुलाते थे. आज महाराष्ट्र का दादा नहीं रहा. शिंदे ने बताया कि परिवार से मुलाकात हुई, उनके बेटे, पत्नी, शरद पवार, सुप्रिया सुले सभी मौजूद थे. ईश्वर उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दे.

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ममता बनर्जी के बयान पर शिंदे का कड़ा जवाब

शिंदे ने पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी के बयान पर कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में राजनीति करना बेहद अनुचित है. उन्होंने कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है. राज्य के उपमुख्यमंत्री की मृत्यु हुई है. ऐसे समय में राजनीतिक बयान देना बेहद दुखद है. शरद पवार पहले ही कह चुके हैं, और मैं भी यही कहूंगा. इस घटना पर राजनीति न की जाए. यह अजित दादा के परिजनों के दुख पर नमक छिड़कने जैसा है.

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यह हादसा तकनीकी है या कुछ और, यह जांच से सामने आएगा. लेकिन जब कोई बाहर से इस तरह के बयान देता है, तो वह महाराष्ट्र के लोगों और परिजनों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है. इस हादसे का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए.

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