World Economic Forum 2026 Davos: वर्ल्ड इकोनामिक फोरम 2026 (WEF 2026) के पहले दिन दावोस में मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) ने वैश्विक निवेश, नवाचार और सतत विकास के एजेंडे पर प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई. राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने तकनीक, नवकरणीय ऊर्जा, एआई, आईटी, कृषि-खाद्य, पर्यटन और उद्योग क्षेत्रों से जुड़े वैश्विक संस्थानों के साथ गहन बातचीत की. इस दौरान मध्यप्रदेश को एक भरोसेमंद और भविष्य के अनुरूप निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया गया. दावोस (Davos) का पहला दिन राज्य के लिए साझेदारी और निवेश के नए अवसर खोलने वाला रहा.
एआई आधारित प्रोटीन नवाचार पर शिरू कंपनी के साथ बातचीत
दावोस में एआई आधारित प्रोटीन नवाचार में अग्रणी कंपनी शिरू (Shiru) के साथ सहयोग संभावनाओं पर चर्चा हुई. मध्यप्रदेश के औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव ने शिरू की सीईओ और संस्थापक के साथ विस्तार से संवाद किया. चर्चा का केंद्र एआई-संचालित प्रोटीन नवाचार और कृषि-आधारित इनपुट रहा. शिरू ने बताया कि उसका प्लेटफॉर्म उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन अवयव विकसित करता है, जिनमें करीब 77% प्राकृतिक प्रोटीन शामिल हैं. कंपनी तकनीक लाइसेंसिंग, कम लागत वाले उत्पादन मॉडल और वैश्विक विस्तार क्षमता रखती है. कृषि, खाद्य, स्वास्थ्य और ब्यूटी से जुड़े क्षेत्रों में प्रोटीन आधारित समाधानों की संभावनाओं पर चर्चा हुई. मध्यप्रदेश की कृषि क्षमता में विशेष रुचि दिखाई गई. विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के साथ साझेदारी और फसल-आधारित प्रोटीन इनपुट्स पर संयुक्त परियोजनाओं पर सहमति बनी.
नवकरणीय ऊर्जा भंडारण पर अमारा राजा समूह के साथ बैठक
राज्य प्रतिनिधिमंडल ने दावोस में अमारा राजा समूह के शीर्ष नेतृत्व के साथ ऊर्जा भंडारण और उन्नत बैटरी समाधानों पर चर्चा की. वार्ता का केंद्र नवकरणीय ऊर्जा का एकीकरण और स्टोरेज सिस्टम रहा. जानकारी दी गई कि मुरैना में प्रमुख बैटरी स्टोरेज परियोजना चल रही है, जिससे सुबह–शाम पीक समय में 2–2 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है.
24×7 सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए एकीकृत स्टोरेज समाधान तैयार किए जा रहे हैं. भविष्य की सभी परियोजनाओं में स्टोरेज को मुख्य घटक के रूप में शामिल करने की रणनीति साझा की गई. पंप स्टोरेज नीति पर कार्य जारी है और निजी डेवलपर्स से बातचीत चल रही है. दोनों पक्षों ने विस्तृत तकनीकी जानकारी साझा करने और आगे संवाद जारी रखने पर सहमति जताई.
HCL टेक के साथ टियर-2 टेक्नोलॉजी हब पर चर्चा
पहले ही दिन HCL टेक के साथ प्रदेश में टियर-2 टेक हब विकसित करने की संभावनाओं पर अहम बातचीत हुई. HCL ने बताया कि वह बड़े शहरों के साथ-साथ टियर-2 शहरों में भी विस्तार की संभावनाएँ तलाश रहा है. मध्यप्रदेश ने उपलब्ध कुशल मानव संसाधन, मजबूत बिजली आपूर्ति, कनेक्टिविटी, और रेडी-टू-मूव ऑफिस स्पेस की जानकारी साझा की.
राज्य की GCC पॉलिसी, लीज रेंट में प्रोत्साहन, सिंगल विंडो सिस्टम और आईआईटी–एनआईटी जैसे संस्थानों की मौजूदगी को प्रमुख ताकत बताया गया. HCL ने भविष्य में टेक्नोलॉजी और ऑफशोर डेवलपमेंट सेंटर्स स्थापित करने में रुचि दिखाई.
संभावित विस्तार के लिए संयुक्त रोडमैप तैयार करने पर सहमति बनी.
मध्यप्रदेश–इज़राइल तकनीकी सहयोग पर गहन संवाद
दावोस में मध्यप्रदेश सरकार ने इज़राइल इनोवेशन अथॉरिटी के साथ तकनीकी साझेदारी पर विस्तृत चर्चा की. इज़राइल ने क्वांटम तकनीक, एडटेक, रक्षा तकनीक और जल प्रबंधन में अपनी वैश्विक क्षमताओं का विवरण साझा किया. मध्यप्रदेश ने सिविल टेक्नोलॉजी में G2G सहयोग की मंशा व्यक्त की. संयुक्त पायलट प्रोजेक्ट, को-इन्वेस्टमेंट मॉडल और स्टार्टअप आधारित तकनीकी समाधान पर चर्चा हुई. भविष्य के लिए औपचारिक सहयोग ढांचा तैयार करने और प्राथमिक क्षेत्रों की पहचान पर सहमति बनी.
उभरती तकनीकों पर टच लैब के साथ चर्चा
दावोस में एआई आधारित कंपनी टच लैब के साथ एआई, साइबर सुरक्षा और डिजिटल तकनीकों पर बातचीत हुई. मध्यप्रदेश ने एआई क्षेत्र में चरणबद्ध रणनीति और विश्वसनीय बिजली ढांचे की जानकारी दी. नाट्रैक्स जैसे उन्नत ऑटोमोटिव टेस्ट ट्रैक को तकनीकी परिसंपत्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया. राज्य में 6,000 से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, इसका विवरण भी साझा किया गया. साइबर सिक्योरिटी और ऑनलाइन गेमिंग में साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा हुई. एआई केंद्रित पायलट प्रोजेक्ट और इको-सिस्टम पार्टनरशिप पर आगे बातचीत जारी रखने पर सहमति बनी.
हरित ऊर्जा निवेश पर अनेक वैश्विक संस्थानों से बैठकें
दावोस में नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ने कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय कंपनियों से निवेश अवसरों पर चर्चा की. ग्रीन एनर्जी–3000 (जर्मनी) मध्यप्रदेश की परियोजनाओं में रुचि व्यक्त की गई. ईपीसी, वित्तपोषण और इक्विटी निवेश मॉडल पर चर्चा.
आने वाली निविदाओं में भागीदारी पर विचार. पीस इन्वेस्ट (जिनेवा) जल–ऊर्जा आधारित सतत परियोजनाओं पर विस्तृत संवाद. को-इन्वेस्टमेंट मॉडल पर चर्चा जारी रखने पर सहमति. JBIC (जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन) उत्पादन, ऊर्जा, खाद्य प्रसंस्करण और फार्मा उद्योग में निवेश संभावनाओं पर चर्चा. जापानी सहयोग से नई परियोजनाओं पर विचार. नवकरणीय ऊर्जा विशेषकर चंबल क्षेत्र में बॉयो-एनर्जी परियोजनाओं पर विचार-विमर्श.
जियो स्टार से ब्लूमबर्ग से हुई बात
मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों की ब्रांडिंग के लिए वीडियो-ऑडियो डॉक्यूमेंटेशन पर चर्चा. नेशनल जियोग्राफिक जैसे मंचों पर प्रस्तुति की योजना. मध्यप्रदेश को वैश्विक व्यापार और नीति जगत से जोड़ने पर बातचीत. भारत में होने वाले ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में राज्य की भागीदारी पर चर्चा. वहीं सौर, पवन और बॉयो-एनर्जी परियोजनाओं पर सहयोग मजबूत करने पर सहमति. टेक महिंद्रा से टियर-2 शहरों में आईटी–बीपीओ विस्तार और कौशल विकास पर चर्चा हुई. कंपनी ने प्रदेश की बढ़ती डिजिटल क्षमताओं में रुचि दिखाई.
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