संसद तक पहुंची छत्तीसगढ़ के पंडुम कैफे की 'खुशबू'; राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा अब इतने जिलों तक सिमटा माओवादी आतंक

President Droupadi Murmu Speech In Parliament: अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार की नीतियों के अनुरूप सुरक्षा बलों ने माओवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है. उन्होंने बताया कि जिन इलाकों तक दशकों तक सुरक्षा बल नहीं पहुँच सके, वहाँ अब विकास की रोशनी पहुंच रही है.

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Parliament Budget Session: संसद तक पहुंची छत्तीसगढ़ के पंडुम कैफे की 'खुशबू'; राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा अब इतने जिलों तक सिमटा माओवादी आतंक

Parliament Budget Session: संसद का बजट सत्र (Parliament Budget Session) आज से शुरू हो गया, जिसकी शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Droupadi Murmu) के अभिभाषण से हुई. राष्ट्रपति ने लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए सरकार के कामकाज, नीतियों और आगामी एजेंडे को सामने रखा. नक्सलवाद पर राष्ट्रपति राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि देश में माओवादी हिंसा का दायरा बेहद कम हो गया है. उन्होंने बताया कि पहले 126 जिलों में भय और अविश्वास का वातावरण था, लेकिन अब नक्सलवाद केवल 8 जिलों तक सीमित रह गया है, जिनमें से सिर्फ 3 जिले अति प्रभावित हैं.

पंडुम कैफे का हुआ जिक्र

राष्ट्रपति ने कहा कि माओवादी विचारधारा ने दशकों तक कई पीढ़ियों का भविष्य अंधकार में धकेला. पिछले एक वर्ष में लगभग 2,000 माओवादी समर्थकों ने आत्मसमर्पण किया है, जिससे लाखों नागरिकों के जीवन में शांति आई है. प्रभावित इलाकों में तेज़ी से बदलाव दिख रहा है, बस्तर ओलंपिक में युवाओं की भागीदारी इसका उदाहरण है. उन्होंने कहा कि हथियार छोड़ चुके नक्सली पांडुम कैफ़े में सेवा कर रहे हैं.

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार की नीतियों के अनुरूप सुरक्षा बलों ने माओवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है. उन्होंने बताया कि जिन इलाकों तक दशकों तक सुरक्षा बल नहीं पहुँच सके, वहाँ अब विकास की रोशनी पहुँच रही है, बीजापुर के एक गांव में 26 वर्ष बाद बल पहुँचने पर ग्रामीणों ने खुशी मनाई. उन्होंने आत्मसमर्पण कर चुके पूर्व नक्सलियों द्वारा संचालित पंडुम कैफे जैसी पहल का उल्लेख करते हुए इसे मुख्यधारा में लौटने का प्रतीक बताया.

उन्होंने कहा कि मेरी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है जो लोग हथियार छोड़कर मुख्य धारा में जुड़े हैं उनका जीवन पटरी पर लौते वो दिन दूर नहीं जब आतंकवाद पूरी तरीके से समाप्त हो जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि “वो दिन दूर नहीं जब माओवादी आतंक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा.” इसमें सरकार की निर्णायक नीति और सुरक्षा बलों की भूमिका अहम है.

अभिभाषण में सामाजिक न्याय, सुरक्षा और विकास पर जोर

राष्ट्रपति के भाषण में सामाजिक सुरक्षा, समावेशी विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी प्रमुखता मिली. उन्होंने कहा कि सरकार सच्चे सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है और लगभग 95 करोड़ नागरिक सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं.  
उन्होंने यह भी कहा कि देश की सुरक्षा चुनौतियों के प्रति सरकार का रुख “दृढ़ और निर्णायक” रहेगा.

छत्तीसगढ़ की झांकी के कलाकारों से राष्ट्रपति की मुलाकात

वहीं गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी में शामिल नारायणपुर जिले के जनजातीय कलाकारों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. राष्ट्रपति ने झांकी की प्रसंशा करते हुए कहा कि इससे देश की जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन हुआ है. कलाकारों ने राष्ट्रपति से मुलाकात को “अपने जीवन का अविस्मरणीय क्षण” बताया और कहा कि यह सम्मान उन्हें अपनी कला को और निष्ठा से आगे बढ़ाने की प्रेरणा देगा. 13 सदस्यीय दल में टीम लीडर तेज बहादुर भुवाल समेत नयनार और घोड़लापारा क्षेत्रों के युवा कलाकार शामिल थे, जिन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में पारंपरिक मंदार नृत्य प्रस्तुत किया था.

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