MP Rajya Sabha Election: मध्यप्रदेश से कांग्रेस द्वारा मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई है. जहां एक ओर पार्टी नेतृत्व इस फैसले के जरिए एकजुटता का संदेश देने की कोशिश में है, वहीं दूसरी तरफ अंदरूनी असंतोष और क्रॉस वोटिंग की आशंका भी सामने आने लगी है. विधानसभा में संख्या बल होने के बावजूद पार्टी सतर्क हो गई है और सभी विधायकों को भोपाल तलब कर रणनीति बनाने में जुटी है. प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में विधायक दल की बैठक बुलाकर पार्टी नेतृत्व विधायकों को एकजुट रखने का प्रयास करेगा, जबकि दूसरी ओर इस फैसले को लेकर विरोध के स्वर भी खुलकर सामने आ रहे हैं.
मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाने पर विवाद
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश से पूर्व सांसद और वर्तमान में तेलंगाना प्रभारी मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है. उनके नाम के ऐलान के बाद पार्टी के अंदर ही कुछ नेताओं ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं. वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने इसे “बड़ी चूक” बताते हुए सोशल मीडिया पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग कर अपनी नाराजगी जाहिर की है. वहीं कांग्रेस नेता नरेश ज्ञानचंदानी के पोस्ट को कांग्रेस ने निजी बताया है. कांग्रेस नेता भूपेंद्र गुप्ता ने कहा यह उनका निजी विचार हो सकता है. पार्टी ने जिसका चयन किया है सब उसके साथ हैं. दिग्विजय सिंह पहले ही राज्यसभा जाने से मना कर चुके थे. दिग्विजय सिंह ने खुद मीनाक्षी नटराजन को बधाई दी है.
क्रॉस वोटिंग का खतरा, संख्या समीकरण अहम
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती विधायकों को एकजुट रखना है. पार्टी को एक सीट जीतने के लिए 58 विधायकों के समर्थन की जरूरत है, जबकि उसके पास फिलहाल 62 विधायक हैं. ऐसे में मामूली क्रॉस वोटिंग भी समीकरण बिगाड़ सकती है. ज्ञानचंदानी ने इसी बात को लेकर चेतावनी दी है कि यदि सावधानी नहीं बरती गई तो परिणाम प्रभावित हो सकता है.
दिग्विजय सिंह का कार्यकाल खत्म, नहीं जताई दोबारा इच्छा
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का राज्यसभा कार्यकाल इस महीने समाप्त हो रहा है. हालांकि उन्होंने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह दोबारा राज्यसभा नहीं जाना चाहते. इसके बाद पार्टी ने नए चेहरे के तौर पर मीनाक्षी नटराजन पर दांव खेला है.
विधायकों को भोपाल बुलाया, एकजुटता पर जोर
राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस ने सभी विधायकों को भोपाल बुलाया है. शुक्रवार शाम 5 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में विधायक दल की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी विधायकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है. बताया जा रहा है कि इस बैठक में चुनाव को लेकर रणनीति तय होगी और पार्टी लाइन से हटकर वोटिंग न करने के निर्देश दिए जाएंगे.
बाड़ाबंदी की भी तैयारी
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अपने विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए “बाड़ाबंदी” की रणनीति पर भी विचार कर रही है. बैठक के बाद विधायकों को कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश या तेलंगाना भेजने पर फैसला लिया जा सकता है, ताकि किसी तरह की राजनीतिक तोड़फोड़ से बचा जा सके.
नटराजन भी बैठक में होंगी शामिल
कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन भी भोपाल पहुंचकर विधायक दल की बैठक में शामिल होंगी. इस दौरान वे विधायकों से मुलाकात कर समर्थन जुटाने की कोशिश करेंगी.
विपक्ष ने साधा निशाना
राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में चल रही उठापटक पर भाजपा ने भी निशाना साधा है. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि पार्टी कहेगी तो भाजपा तीसरा उम्मीदवार भी जिता सकती है. वहीं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि कांग्रेस में झगड़े नई बात नहीं हैं और यह पार्टी धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है.
अंदरूनी असंतोष बना चुनौती
कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष को संभालना है. कुछ नेताओं का मानना है कि उम्मीदवार चयन में संतुलन नहीं बनाया गया, जिससे नाराजगी सामने आई है.
आगामी चुनाव पर टिकी नजर
अब सबकी निगाहें राज्यसभा चुनाव और उससे पहले होने वाली विधायक दल की बैठक पर टिकी हैं. यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस अपने विधायकों को एकजुट रख पाती है या नहीं. यदि पार्टी एकजुटता बनाए रखने में सफल रहती है तो सीट जीतना आसान होगा, लेकिन अंदरूनी मतभेद बढ़े तो परिणाम प्रभावित हो सकते हैं.
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