MP में मां-बेटी की कुल्हाड़ी से हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला आया; आरोपी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा

MP Crime News: मां-बेटी की हत्या के मामले में अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी जीतू जरिया को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत दोषी करार दिया. उसे प्रथक-प्रथक दोहरी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. साथ ही, 5,000-5,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया. अदालत ने कहा कि इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए कठोर सजा आवश्यक है.

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Crime News: MP में मां-बेटी की कुल्हाड़ी से हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला आया; आरोपी को दोहरे आजीवन कारावास की सजा

MP Crime News: मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम (Narmadapuram) जिले के पीलीखंती क्षेत्र में अप्रैल 2025 में हुई मां-बेटी की निर्मम हत्या के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है. आरोपी जीतू जरिया को दोहरी आजीवन कारावास और 5,000-5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है. यह फैसला मंगलवार को सुनाया गया, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद पूरी हुई. 20 अप्रैल 2025 की शाम करीब 5 बजे पीलीखंती में मालवीय अस्पताल के पीछे यह दिल दहला देने वाली घटना हुई थी. आरोपी जीतू जरिया का पूजा और उसकी बेटी पल्लवी से मकान को लेकर विवाद चल रहा था. विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने कुल्हाड़ी से दोनों पर हमला कर दिया. वारदात के बाद पूजा का शव घर के आंगन में मिला, जबकि पल्लवी का शव गली में कुछ दूरी पर पड़ा था. इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया था. प्रस्तुत है नर्मदापुरम से NDTV के रिपोर्टर संजय दुबे की रिपोर्ट.

पुलिस की जांच और कोर्ट की सुनवाई

घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित जांच शुरू की. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर डायरी कोर्ट में पेश की. इस मामले में कुल 23 गवाहों के बयान दर्ज किए गए. अभियोजन पक्ष की ओर से डीपीओ राजकुमार नेमा ने अदालत में ठोस सबूत पेश किए. उन्होंने बताया कि आरोपी ने बड़ी बेरहमी से मां-बेटी की हत्या की थी, जो समाज में भयावह उदाहरण है.

अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी जीतू जरिया को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 के तहत दोषी करार दिया. उसे प्रथक-प्रथक दोहरी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई. साथ ही, 5,000-5,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया. अदालत ने कहा कि इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए कठोर सजा आवश्यक है.

इस फैसले से स्पष्ट संदेश गया है कि कानून ऐसे जघन्य अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेगा. नर्मदापुरम में हुई इस घटना ने महिला सुरक्षा और संपत्ति विवादों के खतरनाक परिणामों पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि विवादों को हिंसा के बजाय कानूनी तरीके से सुलझाएं. इस मामले में डीपीओ राजकुमार नेमा ने कहा, “यह मामला बेहद संवेदनशील था. अभियोजन पक्ष ने पूरी मजबूती से सबूत पेश किए और न्यायालय ने आरोपी को कठोर सजा देकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया.

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